ओडिशा में बाढ़ का असर, चार जिलों में स्कूल बंद; सरकार ने एहतियातन लिया फैसला

Update: 2026-07-31 04:28 GMT

भुवनेश्वर। ओडिशा में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए चार जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खुर्दा, जगतसिंहपुर, भद्रक और जाजपुर जिलों के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को शुक्रवार को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

राज्य सरकार का कहना है कि लगातार बारिश, नदियों के बढ़ते जलस्तर और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि खराब मौसम और बाढ़ के हालात के बीच छात्रों, शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्कूल बंद करने का फैसला पूरी तरह से एहतियाती उपाय के तौर पर लिया गया है।

ओडिशा के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कई स्थानों पर तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। जाजपुर जिले में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक बनी हुई है, जहां तीन नदियों में सात जगहों पर तटबंध टूटने की खबर सामने आई है। इसके चलते आसपास के कई इलाकों में पानी फैल गया है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। राहत और बचाव दलों को सक्रिय कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। स्कूलों को बंद करने का निर्णय भी इसी व्यापक सुरक्षा योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, खुर्दा, जगतसिंहपुर, भद्रक और जाजपुर में कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। कुछ क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, जिससे लोगों की आवाजाही में परेशानी हो रही है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता था। इसी को देखते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से स्कूल बंद रखने का फैसला किया।

शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश का पालन सुनिश्चित करें। सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के साथ ही स्कूल प्रशासन को छात्रों और अभिभावकों को इसकी जानकारी देने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि हालात सामान्य होने के बाद स्कूल दोबारा खोलने को लेकर अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे।

प्रशासन का कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के समय सबसे पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा होती है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार क्षेत्र का निरीक्षण करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करें।

जाजपुर जिले में तटबंध टूटने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। ब्राह्मणी नदी में चार जगहों पर, बैतरणी नदी की शाखा कानी नदी में दो जगहों पर और खारास्रोता नदी की शाखा नुआ महारा में एक स्थान पर तटबंध टूटने की सूचना मिली है। इससे कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। प्रशासन प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में जुटा है।

मौसम विभाग की ओर से भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग तटबंधों की निगरानी कर रहा है और जहां भी जरूरत है, वहां मरम्मत का काम किया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। राहत शिविरों में पहुंचने वाले लोगों के लिए भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों में भी एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल चार जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति के बीच सरकार, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार सक्रिय हैं। अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने तक सभी आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

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