भुवनेश्वर। ओडिशा की 22 वर्षीय गर्भवती महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महिला करीब 14 दिनों से लापता थी और उसकी तलाश ओडिशा से लेकर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश तक की जा रही थी। जांच के दौरान उसका शव आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले स्थित एक गांव के पास सागौन के बागान में जमीन के नीचे दफन मिला। पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान ओडिशा के कोरापुट जिले के तुंखल गांव निवासी 22 वर्षीय अलु मीना के रूप में की गई है। कुछ स्थानीय पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम अल्बिना दर्ज होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में महिला के कथित प्रेमी 35 वर्षीय मोहन किल्लो और उसके 19 वर्षीय साथी मिलन कुलदीप को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने महिला की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को दूसरे राज्य में ले जाकर दफना दिया।
एक साल से संबंध होने की बात आई सामने
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मीना और मोहन के बीच करीब एक साल से संबंध थे। परिवार के लोगों को इस रिश्ते की जानकारी हाल में ही मिली थी। इसी बीच आंगनवाड़ी से संबंधित स्वास्थ्य रिपोर्ट में सामने आया कि महिला करीब तीन महीने की गर्भवती थी। गर्भावस्था की जानकारी मिलने के कुछ समय बाद वह अचानक लापता हो गई।
परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की। रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क करने के साथ संभावित स्थानों पर भी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। करीब 14 दिनों तक पता नहीं चलने के बाद परिजनों ने ओडिशा के सिमिलिगुड़ा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने पुलिस के सामने मोहन पर संदेह भी जाहिर किया था।
 आंध्र प्रदेश तक पहुंची पुलिस की जांच
मामले की गंभीरता और महिला की गर्भावस्था को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। परिजनों ने भी आंध्र प्रदेश में संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई। इसी दौरान विजयनगरम जिले के मरुपल्ली गांव में एक पेट्रोल पंप के पास महिला का शव दफन किए जाने की आशंका सामने आई।
सूचना मिलने पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस की टीम कार्यकारी मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मरुपल्ली के निकट स्थित सागौन के बागान में पहुंची। संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराने के बाद जमीन के अंदर से महिला का शव बरामद किया गया। परिजनों ने कपड़ों और अन्य पहचान योग्य वस्तुओं के आधार पर शव की पहचान अलु मीना के रूप में की।
 डीएनए जांच के लिए सुरक्षित किए नमूने
पुलिस ने घटनास्थल पर जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि और जांच को मजबूत बनाने के लिए डीएनए परीक्षण हेतु नमूने सुरक्षित किए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से महिला की मौत के कारण और हत्या के तरीके के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
इस मामले में हत्या की सही वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात कब और कहां की गई तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। गर्भावस्था और कथित प्रेम संबंध सहित सभी संभावित पहलुओं को जांच में शामिल किया गया है।
वाहन और गड्ढा खोदने के औजार जब्त
पुलिस ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण वस्तुएं जब्त की हैं। इनमें शव को ओडिशा से आंध्र प्रदेश ले जाने में कथित रूप से इस्तेमाल वाहन, शव दफनाने के लिए गड्ढा खोदने में प्रयुक्त औजार, मोबाइल फोन, कपड़े और मृतका व आरोपियों के निजी सामान शामिल बताए गए हैं। सभी वस्तुओं को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
आरोपियों तक पहुंचने और उनके आवागमन का पता लगाने में मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा सेल टावर लोकेशन की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। पुलिस अब तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों को आपस में जोड़कर घटनाक्रम की पूरी कड़ी तैयार कर रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
Tags: