Odisha : बाढ़ का खतरा बढ़ा, प्रभावित जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

Update: 2026-07-29 09:35 GMT

भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने का फैसला लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।

मंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात सभी संबंधित विभागों के कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यस्थलों पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखना है।

महानदी में बढ़ सकता है जलस्तर

राज्य में बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। मौसम और जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आशंका जताई गई है कि बुधवार शाम तक महानदी में मध्यम स्तर की बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में बसे नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार जलस्तर पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करें।

आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को राहत सामग्री, बचाव दल और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए।

कर्मचारियों की मौजूदगी होगी जरूरी

बाढ़ जैसी आपदा के दौरान स्थानीय प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी को देखते हुए सरकार ने प्रभावित जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने का निर्णय लिया है।

प्रशासनिक अधिकारियों, राजस्व कर्मचारियों, आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों और अन्य विभागों के कर्मचारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता जरूरी है।

राहत और बचाव की तैयारियां तेज

राज्य सरकार ने बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्थानीय प्रशासन को नावों, राहत सामग्री और मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने और लोगों तक मौसम तथा बाढ़ से जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

निचले इलाकों पर विशेष नजर

प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। ऐसे क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर स्थिति का आकलन करते रहें और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाएं।

ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर के अधिकारियों को भी सतर्क रहने और लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। लोगों को नदियों, नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

अधिकारियों ने कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

मौसम की स्थिति पर लगातार नजर

ओडिशा में मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण कई बार बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है। इस बार भी लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलस्तर बढ़ने लगा है।

मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर सरकार स्थिति की निगरानी कर रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर घंटे स्थिति की जानकारी साझा करें और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करें।

सरकार ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

राज्य सरकार का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

फिलहाल महानदी में मध्यम स्तर की बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। छुट्टियां रद्द करने और कर्मचारियों की तैनाती के फैसले से सरकार का उद्देश्य राहत और बचाव कार्यों को बिना किसी बाधा के संचालित करना है।

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