सिमिलिपाल अभयारण्य में शिकार की साजिश नाकाम, चार कथित शिकारी गिरफ्तार

Update: 2026-07-24 07:34 GMT

मयूरभंज : ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित प्रसिद्ध सिमिलिपाल वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में वन विभाग ने शिकार की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। सिमिलिपाल साउथ वाइल्डलाइफ डिवीजन के वन अधिकारियों ने चार कथित शिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग जंगली जानवरों का शिकार करने के इरादे से अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रूप से घुसे थे।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गश्त के दौरान टीम को कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। इसके बाद वनकर्मियों ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और कार्रवाई करते हुए चार लोगों को पकड़ लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर वन्यजीवों का शिकार करने की योजना के साथ संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश कर चुके थे।

सिमिलिपाल वन्यजीव अभयारण्य देश के महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में से एक है और यहां कई दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं। बाघ, हाथी, हिरण समेत कई अन्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में अवैध शिकार की किसी भी कोशिश को रोकना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहती है।

वन अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे कितने समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे और क्या उनके साथ कोई अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। अधिकारियों ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।

वन विभाग की टीम लंबे समय से अभयारण्य क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नजर रख रही है। जंगल में गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करने और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सतर्कता के चलते शिकारियों को पकड़ा जा सका।

अधिकारियों के मुताबिक, संरक्षित वन क्षेत्रों में प्रवेश कर शिकार करना कानूनन अपराध है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। आरोप साबित होने पर दोषियों को सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

सिमिलिपाल अभयारण्य अपनी जैव विविधता के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां पाए जाने वाले वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए वन विभाग लगातार अभियान चलाता रहता है। अवैध शिकार, जंगल में आग और तस्करी जैसी गतिविधियां वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ी चुनौतियां मानी जाती हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी संवेदनशील इलाकों में निगरानी जारी रखी जाएगी। जंगल में गश्त करने वाली टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने वन विभाग की कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि सिमिलिपाल जैसे महत्वपूर्ण वन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां मौजूद वन्यजीवों का संरक्षण पूरे पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि उनके पास कोई हथियार या शिकार से जुड़े अन्य उपकरण थे या नहीं। साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या यह किसी बड़े शिकार गिरोह से जुड़े होने का मामला है।

फिलहाल वन विभाग की कार्रवाई से सिमिलिपाल अभयारण्य में शिकार की कोशिश को बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और संरक्षित क्षेत्रों में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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