अमृतसर : भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुक्रवार रात एक गंभीर घटना सामने आई। अमृतसर जिले के दाओके इलाके में भारतीय सीमा से अंतरराष्ट्रीय तारबंदी पार कर पाकिस्तान की ओर जाने की कोशिश कर रहे एक अज्ञात व्यक्ति को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने गोली मार दी। गोली लगने के बाद व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। घटना BSF की बॉर्डर आउट पोस्ट दाओके के अधिकार क्षेत्र में हुई। यह इलाका घरिंडा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
BSF के अनुसार, शुक्रवार रात सीमा पर ड्यूटी कर रहे जवानों ने भारतीय क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों को देखा। जवानों को वह व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी तारबंदी की ओर बढ़ता दिखाई दिया। सुरक्षा बलों ने तत्काल उसे रुकने के लिए आवाज लगाई और चेतावनी दी। जवानों की ओर से उसे वापस लौटने के लिए कहा गया, लेकिन संदिग्ध व्यक्ति ने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया।
BSF के मुताबिक, चेतावनी के बावजूद व्यक्ति लगातार तारबंदी की तरफ बढ़ता रहा और पाकिस्तान की ओर सीमा पार करने का प्रयास करने लगा। स्थिति को संदिग्ध और गंभीर मानते हुए जवानों ने फायरिंग की। गोली लगने के बाद व्यक्ति वहीं गिर गया और उसकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद BSF के जवानों ने इलाके को सुरक्षित किया और आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। BSF और पुलिस की टीमों ने मृतक के पास तथा आसपास के इलाके की गहन तलाशी ली, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके पास कोई संदिग्ध वस्तु, नशीला पदार्थ, हथियार या अन्य सामग्री तो नहीं थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान मौके से कोई नशीला पदार्थ, संदिग्ध सामग्री अथवा पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है।
सबसे अहम बात यह है कि अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। उसकी राष्ट्रीयता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर वह व्यक्ति सीमा क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और पाकिस्तान की ओर जाने की कोशिश क्यों कर रहा था। जांच एजेंसियां उसके सीमा क्षेत्र में पहुंचने के संभावित रास्ते और उद्देश्य की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही हैं।
अमृतसर से लगती भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जाती है। इस क्षेत्र में सीमा पार से घुसपैठ, तस्करी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए BSF लगातार निगरानी रखती है। सीमा पर लगी तारबंदी और सुरक्षा चौकियों के जरिए जवान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति का तारबंदी की ओर बढ़ना सुरक्षा बलों के लिए गंभीर मामला माना जाता है।
दाओके इलाके में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के क्षेत्र में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। सीमा से जुड़े इलाकों में अतिरिक्त जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जाए और यह पता लगाया जाए कि मृतक का वास्तविक उद्देश्य क्या था।
फिलहाल पुलिस ने मृतक की पहचान और राष्ट्रीयता का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। उसके पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिलने के कारण उसकी पहचान करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस और BSF मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह स्पष्ट रूप से कहना संभव नहीं है कि व्यक्ति पाकिस्तान क्यों जाना चाहता था। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं वह किसी तस्करी, घुसपैठ या अन्य संदिग्ध गतिविधि से जुड़ा हुआ तो नहीं था।
दाओके सीमा क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और BSF तथा पुलिस की टीमें पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हैं। मृतक की पहचान होने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वह व्यक्ति कौन था और उसने भारतीय सीमा से पाकिस्तान की ओर जाने की कोशिश क्यों की।
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