Punjab पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से जुड़े ठिकानों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। आप ने आरोप लगाया है कि भाजपा पंजाब में राजनीतिक दबाव बनाने और पंजाबियों तथा आप नेताओं को डराने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी का कहना है कि केंद्र की कार्रवाई से GMADA के कामकाज और पंजाब सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर असर डालने की कोशिश की जा रही है।
आप की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भाजपा राजनीतिक तरीके से भगवंत मान सरकार की योजनाओं को रोकने में सफल नहीं हो पा रही है, इसलिए अब प्रशासनिक दबाव और केंद्रीय एजेंसियों के जरिए अड़चनें पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने विशेष रूप से ‘मावां धियां सत्कार योजना’ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन योजनाओं का लाभ पंजाब की महिलाओं और अन्य लोगों तक पहुंच रहा है।
आम आदमी पार्टी ने GMADA को मोहाली के योजनाबद्ध विकास और राजस्व जुटाने वाली महत्वपूर्ण संस्था बताया है। पार्टी का कहना है कि GMADA के अधिकारियों के बीच दबाव या भय का माहौल बनने से विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है। आप ने केंद्र से सवाल किया कि पंजाब के विकास से जुड़ी संस्था में केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी। यह बयान ऐसे समय आया है जब ED की कार्रवाई GMADA के मुख्यालय के अलावा पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली में कुछ अन्य ठिकानों तक पहुंची है। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में GMADA से जुड़े अधिकारियों और भूमि से संबंधित फैसलों की भी पड़ताल की जा रही है।
ED GMADA से जुड़े मामले में भूमि उपयोग में बदलाव, निजी प्रमोटरों को कथित लाभ और भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजे से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। एजेंसी ने कुछ अधिकारियों से पूछताछ भी की है।
कई अधिकारियों से पूछताछ
रिपोर्ट के अनुसार, GMADA कार्यालय में ED अधिकारियों ने कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की। इनमें हाउसिंग विभाग के सचिव, GMADA के मुख्य प्रशासक, भूमि अधिग्रहण अधिकारी, एस्टेट अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। कुछ अधिकारियों से उनके कार्यालयों में अलग-अलग पूछताछ किए जाने और मोबाइल फोन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
ED की कार्रवाई का दायरा बढ़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, ये आप के आरोप हैं और जांच एजेंसी की कार्रवाई के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
AAP ने लगाया डर का माहौल बनाने का आरोप
आप ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए पंजाब सरकार के अधिकारियों और पार्टी से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि पंजाब के लोग ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखेगी। आप ने यह भी कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से राजनीतिक समर्थन हासिल नहीं किया जा सकता। पार्टी ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि राजनीतिक स्तर पर योजनाओं और सरकार के कामकाज को चुनौती नहीं दी जा रही है तो जांच एजेंसियों के जरिए प्रशासनिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
चुनावी माहौल के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में ED की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक दबाव बता रही है, जबकि ED की कार्रवाई एक जांच के तहत हो रही है। रिपोर्टों में GMADA से जुड़े वित्तीय और भूमि संबंधी मामलों की जांच की बात सामने आई है। AAP ने केंद्र सरकार से जांच की कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता बरतने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि GMADA को जांच के दायरे में क्यों लिया गया। पार्टी का कहना है कि जांच के नाम पर अधिकारियों में भय का वातावरण नहीं बनना चाहिए और विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। वहीं, ED की ओर से की जा रही जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि GMADA से जुड़े मामलों में वास्तव में कोई वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता हुई है या नहीं। फिलहाल इस मामले में आप के आरोप राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आए हैं और जांच जारी है।