पंजाब में धान खरीद से पहले 18 LMT पुराना अनाज उठाएगा केंद्र

Update: 2026-08-09 04:47 GMT

चंडीगढ़। पंजाब में आगामी धान खरीद सीजन से पहले मंडियों और भंडारण केंद्रों में जगह बनाने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार पंजाब की मंडियों से 20 सितंबर तक 18 लाख मीट्रिक टन (LMT) पुराना अनाज उठाने पर सहमत हो गई है। राज्य सरकार के अनुसार, इस कदम से आगामी खरीफ सीजन में धान की बंपर पैदावार की खरीद और भंडारण के लिए जरूरी जगह उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह मुद्दा नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ हुई बैठक में उठाया। बैठक के दौरान पंजाब में खाद्यान्न भंडारण की स्थिति और आने वाले धान खरीद सीजन की तैयारियों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्र के समक्ष राज्य में अतिरिक्त भंडारण क्षमता की जरूरत को प्रमुखता से रखा।

20 सितंबर तक उठाया जाएगा पुराना अनाज

मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्र ने पंजाब की मंडियों से 20 सितंबर तक 18 LMT पुराना अनाज उठाने पर सहमति जताई है। राज्य सरकार के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि धान की खरीद शुरू होने से पहले मंडियों और गोदामों में पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना जरूरी है।

पंजाब देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शामिल है। खरीफ सीजन में बड़ी मात्रा में धान मंडियों में पहुंचता है। ऐसे में यदि पहले से मौजूद अनाज का समय पर उठान नहीं होता है तो नई फसल की खरीद और भंडारण में परेशानी पैदा हो सकती है।

मान ने कहा कि पुराने अनाज के उठान से मंडियों में जगह खाली होगी और आगामी खरीद सीजन के दौरान किसानों की फसल को रखने के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

करीब 180 LMT धान उत्पादन का अनुमान

राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार, इस खरीफ सीजन में पंजाब में करीब 180 LMT धान का उत्पादन होने की संभावना है। इसमें से लगभग 170 LMT अच्छी गुणवत्ता वाले चावल के रूप में केंद्रीय पूल में सप्लाई किए जाने का अनुमान है।

इतनी बड़ी मात्रा में धान की खरीद, मिलिंग और भंडारण के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष इसी चुनौती को रखते हुए अतिरिक्त भंडारण क्षमता और समय पर अनाज उठाने की जरूरत पर जोर दिया।

धान खरीद प्रक्रिया के दौरान मंडियों में फसल की आवक तेजी से बढ़ती है। किसानों को अपनी उपज बेचने के बाद भुगतान और फसल के उठान के लिए सुचारु व्यवस्था की आवश्यकता होती है। यदि मंडियों में जगह की कमी होती है तो इसका असर पूरी खरीद व्यवस्था पर पड़ सकता है।

किसानों को परेशानी से बचाने की कोशिश

पंजाब सरकार का जोर इस बात पर है कि धान खरीद सीजन के दौरान किसानों को अपनी उपज मंडियों तक लाने में किसी तरह की परेशानी न हो। मंडियों में पर्याप्त जगह उपलब्ध होने से फसल की खरीद और उठान की प्रक्रिया को सुचारु रखने में मदद मिल सकती है।

सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि धान की आवक के दौरान मंडियों में लंबी अवधि तक फसल का ढेर न लगा रहे। इसके लिए खरीद के साथ-साथ अनाज को जल्द से जल्द मंडियों से उठाकर निर्धारित भंडारण केंद्रों तक पहुंचाना जरूरी है।

पुराने अनाज के 18 LMT उठान को इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।

भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक के दौरान पंजाब में अतिरिक्त भंडारण क्षमता की जरूरत भी उठाई। राज्य में खाद्यान्न की बड़ी मात्रा का उत्पादन होने के कारण हर साल भंडारण व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है।

धान की खरीद के बाद चावल और अन्य खाद्यान्न को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए वैज्ञानिक और पर्याप्त भंडारण सुविधाएं जरूरी हैं। राज्य सरकार का मानना है कि भविष्य में खाद्यान्न उत्पादन और खरीद की मात्रा को देखते हुए भंडारण क्षमता को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता होगी।

मान ने केंद्र के समक्ष पंजाब में उपलब्ध भंडारण व्यवस्था और आने वाली जरूरतों का मुद्दा उठाया ताकि खरीद सीजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था पैदा न हो।

केंद्र और राज्य के बीच समन्वय जरूरी

पंजाब में धान खरीद और खाद्यान्न प्रबंधन केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की साझा जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है। खरीद प्रक्रिया में राज्य की मंडियां, खरीद एजेंसियां, मिलर्स और केंद्रीय पूल के लिए अनाज उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था शामिल होती है।

ऐसे में पुराने स्टॉक के समय पर उठान, नई फसल की खरीद, मिलिंग और भंडारण के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

18 LMT पुराने अनाज के उठान की सहमति से राज्य को आगामी धान सीजन से पहले कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इससे मंडियों में नई फसल के लिए जगह बनाने में मदद मिलेगी।

बंपर उत्पादन के बीच बड़ी चुनौती

पंजाब में करीब 180 LMT धान उत्पादन का अनुमान बताता है कि आगामी खरीफ सीजन में खरीद व्यवस्था पर काफी दबाव रह सकता है। यदि लगभग 170 LMT चावल केंद्रीय पूल में जाने की संभावना है, तो इसके लिए खरीद से लेकर भंडारण और परिवहन तक पूरी श्रृंखला को समयबद्ध तरीके से संचालित करना होगा।

राज्य सरकार की कोशिश है कि खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही संभावित अड़चनों को दूर कर लिया जाए। पुराने स्टॉक का उठान इसी दिशा में एक अहम कदम है।

अब 20 सितंबर तक 18 LMT पुराने अनाज के उठान पर अमल और इसके बाद मंडियों में उपलब्ध जगह का इस्तेमाल किस तरह होता है, इस पर नजर रहेगी। साथ ही धान की वास्तविक आवक और उत्पादन के आंकड़ों के आधार पर आगे की भंडारण व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी की बैठक के बाद पंजाब में धान खरीद सीजन की तैयारियों को लेकर तस्वीर कुछ स्पष्ट हुई है। पुराने अनाज के उठान से मंडियों में जगह खाली होने की उम्मीद है, जबकि अतिरिक्त भंडारण क्षमता की मांग आने वाले समय में केंद्र और राज्य के बीच चर्चा का महत्वपूर्ण मुद्दा बनी रह सकती है।

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