चंडीगढ़। पंजाब में नशे के बढ़ते खतरे और नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने वालों की हत्या को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को परगट सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा पिछले 13 वर्षों से पंजाब की जनता से बड़े-बड़े वादे कर रही है, लेकिन उन्हें पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने नशे की समस्या, किसानों और मजदूरों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। यह बयान ऐसे समय आया है, जब मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
परगट सिंह ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि भाजपा लंबे समय से प्रदेश के विकास, किसानों की समस्याओं और नशे पर नियंत्रण को लेकर वादे करती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव नहीं दिखाई दे रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां पंजाब के हितों के खिलाफ रही हैं। परगट सिंह ने विशेष रूप से नशीले पदार्थों की समस्या पर केंद्र सरकार के रुख की आलोचना की।उन्होंने गुजरात में नशे के कारोबार और नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर भाजपा के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि भाजपा को दूसरे राज्यों की आलोचना करने से पहले अपने शासन वाले राज्यों की स्थिति पर भी जवाब देना चाहिए।
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड से गरमाई राजनीति
पंजाब के मानसा जिले में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। परविंदर की 13 अक्टूबर को एक मेडिकल दुकान के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।इस घटना के बाद उनके परिवार ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजन लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।मृतक के परिवार का कहना है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। परिवार ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने के लिए विरोध प्रदर्शन भी किया।
अमित शाह ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को पंजाब दौरे के दौरान मानसा पहुंचकर परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात की।उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर घटना पर दुख जताया और न्याय का भरोसा दिलाया।अमित शाह ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।गृह मंत्री ने मानसा के अलावा गुरदासपुर और संगरूर में भी नशे से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने राज्य सरकार से अन्य मामलों की जांच भी सीबीआई को सौंपने की मांग की।
सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, जांच शुरू
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में बुधवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम मंगलवार देर रात मानसा पहुंची और मामले की जांच स्थानीय पुलिस से अपने हाथ में ले ली।सीबीआई ने हत्या के मामले में नई एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसी ने संबंधित पुलिस रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की है।इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परिजनों की मांग को स्वीकार करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की घोषणा की थी।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था।
सीबीआई जांच पर आपत्ति नहीं, लेकिन वादों पर सवाल
परगट सिंह ने कहा कि उन्हें परविंदर सिंह झोटा के परिवार द्वारा सीबीआई जांच की मांग किए जाने से कोई आपत्ति नहीं है।उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और हत्या के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।हालांकि, उन्होंने भाजपा नेताओं के आश्वासनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल घोषणाएं करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई आवश्यक है।
पंजाब में नशे के मुद्दे पर सियासी टकराव
पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी और नशे की लत लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चिंता का विषय रही है।भाजपा इस मुद्दे पर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार को घेर रही है, जबकि कांग्रेस केंद्र और राज्य सरकार दोनों से जवाबदेही की मांग कर रही है।परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की सीबीआई जांच शुरू होने के बाद अब सभी की नजर जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई पर है। वहीं, राजनीतिक दलों के बीच नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
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