Chandigarh गैंगस्टर से जुड़ी हिंसा, जबरन वसूली और नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्याओं को जन-सुरक्षा का एक बड़ा मुद्दा बताते हुए, कांग्रेस विधानसभा के छह दिवसीय सत्र के दौरान सत्ताधारी 'आप' (AAP) सरकार को घेरेगी। पंजाब मामलों के प्रभारी सचिन पायलट, सत्ताधारी 'आप' और बीजेपी (जो चुनाव वाले इस राज्य में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है) से निपटने के लिए पार्टी की रणनीति की देखरेख कर रहे हैं। परगट सिंह के पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के प्रमुख बनने के बाद, कांग्रेस के लिए यह सत्र काफी अहम है।
पायलट और परगट ने असामाजिक तत्वों द्वारा मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात की है और सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाने का वादा किया है। जालंधर कैंट से विधायक परगट ने कहा कि ज़मीनी हालात बहुत गंभीर हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में जन-सुरक्षा पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने कहा, "हम सदन में इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाएंगे।"
परगट ने कहा, "यह उनका आखिरी सत्र है। इससे पहले, 'आप' सरकार कई प्रस्ताव लेकर आई, लेकिन उन पर कायम नहीं रह सकी; बाद में उन्हीं मुद्दों पर नोटिफिकेशन जारी कर दिए। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कहने के लिए कुछ खास है, क्योंकि पंजाब की जनता समेत हर कोई जानता है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उनका प्रदर्शन कैसा रहा है। नौकरशाही (ब्यूरोक्रेसी) भी इससे वाकिफ है। मैंने कभी नौकरशाही को इतना कमज़ोर होते नहीं देखा, और न ही पुलिस की कार्यप्रणाली को इतना गिरते हुए देखा है।"