मूसलाधार बारिश से रावी नदी खतरे के निशान की ओर

Update: 2026-07-23 12:25 GMT

गुरदासपुर। पंजाब के गुरदासपुर जिले में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही तेज वर्षा के कारण रावी दरिया का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खेतों और संपर्क मार्गों में पानी भरने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लोग एक बार फिर पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ की यादों से चिंतित नजर आ रहे हैं।

ऊपरी इलाकों खासकर हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश का पानी रावी दरिया में पहुंच रहा है, जिसके कारण नदी का बहाव लगातार तेज हो रहा है। नदी किनारे स्थित गांवों के खेत जलमग्न हो चुके हैं और कई जगहों पर सड़कें भी पानी की चपेट में आ गई हैं। इससे स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, हर साल बरसात के मौसम में रावी दरिया का जलस्तर बढ़ने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। गांव आदियां निवासी किसान जसबीर सिंह ने बताया कि पानी बढ़ने के कारण खेतों में खड़ी फसलें डूबने लगी हैं। किसानों की मेहनत पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश का सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

किसान मलकीत सिंह और रणधीर सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति में सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे की होती है। खेतों में पानी भरने से चारा नष्ट हो जाता है, जिससे पशुपालकों के सामने संकट खड़ा हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते राहत सामग्री, पशु चारा और बचाव व्यवस्था तैयार रखनी चाहिए।

इलाके के लोगों ने बताया कि पिछले साल भी रावी दरिया में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। सैकड़ों गांव प्रभावित हुए थे, हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई थी और कई मकानों को नुकसान पहुंचा था। पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ था। उस भयावह स्थिति को याद कर इस बार ग्रामीण पहले से ही चिंतित हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से धुस्सी बांध की मरम्मत और मजबूती का काम जल्द पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल बारिश के दौरान बांध कमजोर होने की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में भी बाढ़ से नुकसान जारी रहेगा।

किसानों का आरोप है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद धुस्सी बांध की ऊंचाई बढ़ाने और मजबूतीकरण का काम पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ाई जाए और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा हो सकती है। ऐसे में रावी दरिया का जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कई क्षेत्रों में अलर्ट भी जारी किया गया है।

बाढ़ का असर केवल किसानों और ग्रामीणों तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है। कई छोटी सड़कें पानी से घिर गई हैं, जिससे गांवों का संपर्क शहरों से कमजोर हो गया है। कृषि आधारित इस क्षेत्र में बाढ़ हर साल लोगों की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर डालती है।

ग्रामीणों का कहना है कि केवल राहत कार्यों से समस्या का समाधान नहीं होगा। रावी दरिया से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए मजबूत बांध, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और स्थायी योजना की जरूरत है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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