बरनाला लाठीचार्ज विवाद की गूंज अमृतसर पहुंची, वाल्मीकि संगठनों का प्रदर्शन जारी

Update: 2026-08-01 06:51 GMT

अमृतसर। बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध की गूंज अब अमृतसर तक पहुंच गई है। घटना के विरोध में वाल्मीकि संगठनों ने अमृतसर में अपना आंदोलन तेज कर दिया है। आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शहर के भंडारी पुल पर संगठनों का धरना लगातार जारी है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर की गई कार्रवाई अन्यायपूर्ण है और दोषी लोगों के खिलाफ तुरंत कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

धरने पर बैठे वाल्मीकि संगठनों ने पहले ही घोषणा की थी कि शनिवार को विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत शहर के विधायकों की रिहाइशों के बाहर कूड़ा फेंककर और सीवरेज व्यवस्था को प्रभावित कर विरोध दर्ज कराने की बात कही गई थी।

संगठनों का आरोप है कि बरनाला में सफाई कर्मचारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी शहरों की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

भंडारी पुल पर चल रहे धरने के कारण शहर में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

वाल्मीकि संगठनों का कहना है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, लेकिन यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाने के लिए मजबूर होंगे।

इस मामले को लेकर शहर की राजनीति भी गर्मा गई है। संगठनों ने जनप्रतिनिधियों से मामले में हस्तक्षेप कर सफाई कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से उठाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे लगातार संघर्ष करते रहेंगे।

वहीं, प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित किया जाए और किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर तैनाती बढ़ा दी है और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बरनाला की घटना को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब अमृतसर में भी बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में जाता है, यह प्रशासन और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा।

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