केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ किसान सड़कों पर, टोल प्लाजा किए टोल फ्री

Update: 2026-07-15 15:41 GMT

Chandigarh चंडीगढ़ :  केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) से जुड़े किसान संगठनों ने मंगलवार को राज्यभर में बड़ा आंदोलन किया। प्रदर्शन के तहत किसानों ने पंजाब के 40 से अधिक टोल प्लाजा को करीब पांच घंटे तक टोल फ्री कर दिया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान टोल कर्मियों को हटाकर वाहनों को बिना शुल्क के गुजरने दिया गया।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान टोल प्लाजा पर पहुंचे और केंद्र तथा पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि उनकी मांगों और समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके विरोध में यह आंदोलन किया गया है।

किसान संगठनों ने इस प्रदर्शन के पीछे कई प्रमुख मुद्दे बताए हैं। किसानों का सबसे बड़ा विरोध भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो इसका सीधा असर देश के कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा और छोटे किसानों तथा डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इसके अलावा पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर भी किसानों में नाराजगी है। किसान संगठनों का कहना है कि यह नीति किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे उनकी जमीनों पर खतरा पैदा हो सकता है। किसानों ने आरोप लगाया कि इस नीति का फायदा बड़े कॉरपोरेट समूहों को मिलेगा और किसान अपनी जमीन से वंचित हो सकते हैं।

लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति का विरोध करते हुए कहा कि यह किसानों की जमीनों को कॉरपोरेट हितों के लिए इस्तेमाल करने की योजना है। उन्होंने सरकार से इस नीति को वापस लेने की मांग की।

किसानों ने भूमि बंधक बैंक के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि किसानों से जुड़े संस्थानों में पारदर्शिता जरूरी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए बठिंडा सहित कई जिलों के प्रमुख टोल प्लाजा पर बड़ी स्क्रीन लगाई गई थीं। इन स्क्रीन के माध्यम से किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के लाइव संबोधन का प्रसारण किया गया। बड़ी संख्या में किसानों ने उनका संबोधन सुना और आंदोलन के समर्थन में नारे लगाए।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू-एकता सिद्धूपुर) के प्रदेश महासचिव काका सिंह कोटरा ने बताया कि पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत बठिंडा क्षेत्र के लहरा बेगा, जस्सी बाघवाली, बल्लूआना और शेखपुरा टोल प्लाजा को किसानों ने अपने नियंत्रण में लेकर टोल मुक्त कर दिया।

वहीं किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर ने सरकार को चेतावनी देते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में बुधवार को पंजाब समेत देश के कई राज्यों में मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा।

किसान नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन केवल टोल फ्री कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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