चंडीगढ़। पंजाब की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक नवंबर को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की महिलाओं के मोबाइल फोन पर एक बार फिर सम्मान राशि जमा होने की सूचना की 'टुन-टुन' सुनाई देगी। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को जालंधर जिले के नकोदर विधानसभा क्षेत्र के सरिंह गांव में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि एक नवंबर को योजना के तहत अगली सम्मान राशि जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से प्राप्त कर की राशि को जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है। हालांकि, अक्टूबर में ही पात्र महिलाओं को अक्टूबर से दिसंबर तक की तीन महीने की राशि अग्रिम रूप से भेजे जाने के कारण एक नवंबर के भुगतान का नया विवरण स्पष्ट होना बाकी है।
एक नवंबर को महिलाओं के मोबाइल पर फिर बजेगी 'टुन-टुन'
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नकोदर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब की माताओं और बहनों के सम्मान तथा आर्थिक सशक्तीकरण के लिए उनकी सरकार लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि एक नवंबर को महिलाओं को फिर से उनके बैंक खातों में सम्मान राशि पहुंचने का संदेश मिलेगा।मुख्यमंत्री ने बैंक खाते में पैसा जमा होने पर मोबाइल पर आने वाली सूचना को 'टुन-टुन' का नाम दिया।उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देना सरकार का उपकार नहीं, बल्कि जनता के प्रति उसकी जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार लोगों से एकत्र किए गए कर का इस्तेमाल जनता की सुविधाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों पर कर रही है।
क्या है मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना?
पंजाब सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है।इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने निर्धारित सम्मान राशि प्रदान की जाती है।सरकार का उद्देश्य महिलाओं को छोटी-छोटी आर्थिक जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने से राहत देना और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है।योजना की शुरुआत एक जुलाई 2026 को की गई थी। इसके अंतर्गत पात्र महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि भेजने की व्यवस्था की गई है।प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण यानी डीबीटी प्रणाली के माध्यम से पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जाता है।
सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह
मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।वहीं, अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं के लिए मासिक सम्मान राशि 1,500 रुपये निर्धारित की गई है।इस तरह सामान्य वर्ग की पात्र महिला को एक वर्ष में 12,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिला को 18,000 रुपये की सहायता मिल सकती है, बशर्ते वह पूरे वर्ष योजना की शर्तें पूरी करती हो।सरकार ने इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और घरेलू जरूरतों में सहयोग प्रदान करना बताया है।इससे महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं पर खर्च करने के लिए कुछ अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध होती है।
अक्टूबर में 36.87 लाख महिलाओं को भेजी गई थी राशि
पंजाब सरकार ने इससे पहले एक अक्टूबर 2026 को योजना की दूसरी किस्त जारी की थी।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तरनतारन जिले के श्री गोइंदवाल साहिब में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में महिलाओं के खातों में राशि भेजने की घोषणा की थी।सरकार के अनुसार, उस समय करीब 36.87 लाख महिलाओं के खातों में कुल 1,262.54 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए थे।यह राशि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर की तीन महीने की अग्रिम सहायता के रूप में जारी की गई थी।सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को तीन महीने के लिए 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 4,500 रुपये दिए गए थे।
नवंबर में मिलने वाली राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी
मुख्यमंत्री के एक नवंबर वाले ऐलान के बाद लाभार्थियों के लिए यह समझना जरूरी है कि अक्टूबर में जारी दूसरी किस्त में नवंबर और दिसंबर की राशि पहले से शामिल थी।ऐसे में एक नवंबर को घोषित अगली राशि किन महिलाओं को मिलेगी, क्या यह नए लाभार्थियों के लिए होगी या किसी अन्य भुगतान व्यवस्था के तहत जारी की जाएगी, इस संबंध में विस्तृत सरकारी स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं है।इसलिए पहले से तीन महीने की अग्रिम किस्त प्राप्त कर चुकी महिलाओं को नवंबर में अतिरिक्त 1,000 या 1,500 रुपये निश्चित रूप से मिलने का दावा करना अभी उचित नहीं होगा।लाभार्थियों को संबंधित सरकारी सूचना और अपने बैंक खाते में दर्ज भुगतान विवरण के आधार पर ही राशि की पुष्टि करनी चाहिए।
18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को लाभ
योजना के अंतर्गत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।सरकार के अनुसार, एक ही परिवार में एक से अधिक पात्र महिलाएं होने पर भी प्रत्येक महिला को योजना का लाभ मिल सकता है।हालांकि, लाभ प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करना आवश्यक है।योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को अपना पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।जिन पात्र महिलाओं का पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें सरकार की आधिकारिक व्यवस्था के माध्यम से आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना
नकोदर के सरिंह गांव में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा।उन्होंने कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल की नीतियों की आलोचना की।मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने जनता के संसाधनों का उचित इस्तेमाल नहीं किया।उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार जनता के पैसे को वापस लोगों की सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं में खर्च कर रही है।मान ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक सहायता, मुफ्त बिजली और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं आम परिवारों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।विपक्षी दलों की भविष्य की नीतियों को लेकर मुख्यमंत्री ने जो आशंकाएं जताईं, वे उनके राजनीतिक दावे हैं।
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।उनके अनुसार, यदि महिलाओं के पास अपनी जरूरतों के लिए कुछ आर्थिक संसाधन उपलब्ध हों, तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ सकता है।सरकार का कहना है कि सम्मान राशि का उद्देश्य महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं पर निर्णय लेने में अधिक स्वतंत्रता प्रदान करना है।मुख्यमंत्री ने इस योजना को माताओं और बेटियों के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि महिला कल्याण उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुफ्त बिजली और बस यात्रा योजनाओं का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पंजाब सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।उन्होंने मुफ्त बिजली और महिलाओं के लिए बस यात्रा जैसी सुविधाओं को राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहलों में शामिल बताया।मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।उन्होंने दावा किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सरकार लगातार सुधार करने का प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं।
महिलाओं को बैंक खातों की जानकारी रखने की सलाह
मावां-धीयां सत्कार योजना के लाभार्थियों के लिए बैंक खाते की जानकारी अद्यतन रखना महत्वपूर्ण है।जिन महिलाओं को योजना के तहत सम्मान राशि मिल रही है, उन्हें बैंक से प्राप्त एसएमएस और खाते के लेन-देन की जानकारी नियमित रूप से देखनी चाहिए।यदि किसी लाभार्थी को भुगतान संबंधी समस्या होती है, तो उसे संबंधित आधिकारिक सहायता केंद्र या विभाग से संपर्क करना चाहिए।साथ ही किसी अनजान व्यक्ति को बैंक खाते का ओटीपी, पिन या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए।सरकारी योजना के नाम पर फर्जी लिंक भेजने या व्यक्तिगत जानकारी मांगने वाले संदेशों से भी सावधान रहना जरूरी है।
अब एक नवंबर की घोषणा पर महिलाओं की नजर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नए ऐलान के बाद मावां-धीयां सत्कार योजना एक बार फिर चर्चा में आ गई है।इससे पहले अक्टूबर में राज्य की 36.87 लाख महिलाओं के खातों में तीन महीने की अग्रिम सम्मान राशि जारी की गई थी।अब मुख्यमंत्री ने एक नवंबर को फिर से आर्थिक सहायता का संदेश मिलने की बात कही है।हालांकि, नवंबर के भुगतान की पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और राशि का अलग विवरण स्पष्ट होना अभी बाकी है।
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