किसानों के दिल्ली कूच के बीच हरियाणा सरकार ने मानी दो मांगें

Update: 2026-07-21 08:59 GMT

चंडीगढ़। किसानों के दिल्ली कूच के बीच हरियाणा सरकार और किसान नेताओं के बीच बातचीत हुई है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से मुलाकात की, जिसके बाद सरकार ने किसानों की दो प्रमुख मांगों को मानने का आश्वासन दिया है। इस बैठक में अंबाला के उपायुक्त (डीसी) भी मौजूद रहे। सरकार के इस कदम के बाद आंदोलन के बीच बातचीत का रास्ता खुलता नजर आ रहा है।

बैठक के दौरान किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने सरकार के सामने अपनी मांगों को रखा। इनमें सबसे प्रमुख मांग किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की रिहाई थी। इसके अलावा किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ बातचीत कराने की मांग भी रखी। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने दोनों मांगों को स्वीकार करते हुए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया।

कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार गुरनाम सिंह चढूनी की रिहाई को लेकर कदम उठाएगी। साथ ही किसानों की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कराने का आश्वासन भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर किसानों की केंद्रीय मंत्री के साथ बातचीत कराने की कोशिश की जाएगी।

हालांकि, किसानों का भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर विरोध जारी है। किसान संगठनों का कहना है कि इस समझौते से भारतीय कृषि क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को आशंका है कि अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पाद, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद, सूखे मेवे और अन्य खाद्य सामग्री के आयात से देश के छोटे किसानों और स्थानीय व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इसी मुद्दे को लेकर पंजाब के किसान संगठनों ने मंगलवार को दिल्ली कूच का ऐलान किया था। किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के संयोजक सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान फतेहगढ़ साहिब से दिल्ली के लिए रवाना हुए। किसान बसों, जीप, मिनी बसों और निजी वाहनों से दिल्ली की ओर बढ़ रहे थे।

किसानों के दिल्ली मार्च को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। मंगलवार सुबह से ही बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर दी गई और आवाजाही को नियंत्रित किया गया। बड़ी संख्या में किसान शंभू बॉर्डर पर पहुंच गए, जिसके बाद वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसान किसी भी तरह का टकराव नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों को लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शंभू बॉर्डर बंद होने से आम लोगों को परेशानी हो रही है, जिसका उन्हें दुख है। अगर किसानों को आगे जाने से रोका गया तो वे वहीं शांतिपूर्ण तरीके से धरना देंगे।

सोमवार रात से ही पंजाब के फतेहगढ़ साहिब और खनौरी समेत कई स्थानों पर किसान जुटना शुरू हो गए थे। मंगलवार सुबह किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ। पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार से सीधी बातचीत चाहते हैं। ट्रेड डील के अलावा किसान कृषि नीतियों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से बातचीत की पहल को आंदोलन के बीच एक सकारात्मक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

फिलहाल शंभू बॉर्डर समेत अन्य इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था जारी है। किसान नेताओं और सरकार के बीच आगे होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सरकार द्वारा मानी गई दो मांगों के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि आंदोलन को लेकर आगे का रास्ता बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है।

Tags:    

Similar News