लुधियाना : पंजाब के लुधियाना जिले के माछीवाड़ा साहिब क्षेत्र के गांव सालू भैणी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। स्कूल बस में बड़ी बहन को बैठाने गए तीन वर्षीय मासूम बच्चे की बस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

मृतक बच्चे की पहचान गांव सालू भैणी निवासी हरमेश सिंह के तीन वर्षीय बेटे समरदीप सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, समरदीप अपनी मां अमनदीप कौर के साथ रोज की तरह अपनी बड़ी बहन रमनदीप कौर को स्कूल बस में बैठाने के लिए गया था। परिवार को क्या पता था कि कुछ ही मिनटों में यह सामान्य सुबह एक दर्दनाक हादसे में बदल जाएगी।

बताया जा रहा है कि रमनदीप कौर एक निजी स्कूल में पढ़ती है। बुधवार सुबह उसकी मां अमनदीप कौर बेटी को स्कूल बस में बैठाने के लिए सड़क किनारे पहुंची थीं। उनके साथ छोटा बेटा समरदीप भी था। मासूम अपनी मां की उंगली पकड़कर बस के पास खड़ा था और अपनी बहन को स्कूल जाते हुए देख रहा था।

इसी दौरान स्कूल बस के चालक ने बस को आगे बढ़ाया। बस के आगे खड़े समरदीप पर चालक की नजर नहीं पड़ सकी और बच्चा वाहन की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

बच्चे की मां अमनदीप कौर का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे को वह रोज अपनी उंगली पकड़कर स्कूल बस तक छोड़ने आती थीं, उसी बेटे को उन्होंने अपनी आंखों के सामने खो दिया। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों का भी हादसे के बाद बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने बताया कि हादसा बेहद दर्दनाक था। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। लोगों का कहना है कि स्कूल बसों के संचालन में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस स्कूल बस चालक की भूमिका की भी जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्कूल बसों के चालकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। इसके अलावा स्कूल बसों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की भी जरूरत बताई गई है।

सड़क हादसों में अक्सर छोटी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन जाती है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों के मामले में वाहन चालकों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल बसों के आगे और पीछे बच्चों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक परिवार का मासूम बेटा उनसे हमेशा के लिए दूर हो गया। वहीं, गांव के लोग अब प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, मासूम समरदीप की मौत से गांव सालू भैणी में मातम पसरा हुआ है।

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