चंडीगढ़। दवा कारोबारियों के लिए लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाएं अब पहले से आसान होने जा रही हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने दवा लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत एक सितंबर 2026 से ई-संपर्क केंद्रों के माध्यम से दवा लाइसेंस से संबंधित आवेदन किए जा सकेंगे।

इस सुविधा के शुरू होने से दवा कारोबारियों को लाइसेंस के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। वे अब ई-संपर्क केंद्रों के जरिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य दवा लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक बनाना है।

स्वास्थ्य निदेशक एवं ड्रग्स कंट्रोलर डॉ. सुमन ने इस संबंध में चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन को पत्र जारी कर नई व्यवस्था की जानकारी दी है। पत्र में बताया गया है कि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के लिए प्रत्येक सेवा पर 200 रुपये का प्रोसेसिंग शुल्क निर्धारित किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत ई-संपर्क केंद्रों से ओएनडीएलएस पोर्टल (ONDLs Portal) पर दवा लाइसेंस से जुड़ी 12 सेवाओं के लिए आवेदन किया जा सकेगा। इनमें नए होलसेल और रिटेल एलोपैथिक ड्रग लाइसेंस के साथ-साथ होम्योपैथिक ड्रग लाइसेंस के आवेदन भी शामिल हैं।

अभी तक दवा लाइसेंस से जुड़े कई कामों के लिए कारोबारियों को संबंधित कार्यालयों में जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इसमें समय अधिक लगता था और कई बार दस्तावेजों से जुड़ी छोटी-छोटी कमियों के कारण प्रक्रिया में देरी भी होती थी। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है।

चंडीगढ़ प्रशासन का मानना है कि डिजिटल माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराने से दवा कारोबारियों को सुविधा मिलेगी और लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। ऑनलाइन आवेदन के जरिए दस्तावेज जमा करने, आवेदन की स्थिति जानने और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी।

दवा कारोबारियों के लिए लाइसेंस एक जरूरी कानूनी प्रक्रिया है। किसी भी मेडिकल स्टोर या दवा बिक्री से जुड़े कारोबार के लिए संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने से नए कारोबारियों और मौजूदा व्यापारियों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन को भेजे गए पत्र में प्रशासन ने नई व्यवस्था को लेकर कारोबारियों को जानकारी साझा की है। एसोसिएशन से कहा गया है कि वह अपने सदस्यों को इस ऑनलाइन सुविधा के बारे में जागरूक करे, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

अधिकारियों के अनुसार, ई-संपर्क केंद्रों के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होगी, जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है। वे केंद्रों पर जाकर कर्मचारियों की सहायता से आवेदन कर सकेंगे।

नई व्यवस्था में आवेदन प्रक्रिया के डिजिटल होने से रिकॉर्ड का रखरखाव भी बेहतर होगा। इससे विभाग को आवेदनों की निगरानी करने और लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करने में मदद मिलेगी।

दवा कारोबारियों ने भी प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ऑनलाइन सुविधा शुरू होने से समय की बचत होगी और लाइसेंस से जुड़े कार्यों में होने वाली परेशानियां कम होंगी। हालांकि, कारोबारियों ने यह भी उम्मीद जताई है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाए रखने के साथ-साथ मंजूरी प्रक्रिया भी समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। दवा लाइसेंस आवेदन की ऑनलाइन सुविधा भी इसी प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है।

एक सितंबर 2026 से लागू होने वाली इस व्यवस्था के बाद चंडीगढ़ में दवा लाइसेंस से जुड़े 12 प्रकार के आवेदन ई-संपर्क केंद्रों के माध्यम से किए जा सकेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे दवा कारोबारियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और विभागीय कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।

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