चंडीगढ़ में वेंडर्स को राहत, अब तय जगह पर लगेगी दुकानें

Update: 2026-07-18 15:24 GMT

चंडीगढ़: नगर निगम ने शहर में स्ट्रीट वेंडिंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम ने शनिवार को 498 पात्र रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को पारदर्शी ड्रा प्रक्रिया के माध्यम से स्थायी वेंडिंग साइटें आवंटित कीं। इस पहल का उद्देश्य शहर में बढ़ते अतिक्रमण को नियंत्रित करना और स्ट्रीट वेंडर्स को सुरक्षित व निर्धारित स्थान उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपनी आजीविका चला सकें।

नगर निगम के वेंडर सेल की ओर से शहर के विभिन्न अधिसूचित वेंडिंग जोन के लिए यह ड्रा आयोजित किया गया। इस दौरान 498 खाली वेंडिंग साइटों का आवंटन 498 पात्र विक्रेताओं को किया गया। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया, जिससे सभी पात्र विक्रेताओं को समान अवसर मिल सके।

ड्रा प्रक्रिया के दौरान नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. हिमांशु गुप्ता, पार्षद एवं ऑब्जर्वर तरुणा मेहता, टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की सदस्य चंचल रानी और सबरा सहित वेंडर सेल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।

नगर निगम ने बताया कि वेंडिंग साइटों का आवंटन स्ट्रीट वेंडर्स (प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ स्ट्रीट वेंडिंग) एक्ट-2014, चंडीगढ़ स्ट्रीट वेंडर्स नियम एवं योजना तथा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। इस व्यवस्था से शहर में स्ट्रीट वेंडिंग को कानूनी और व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, स्थायी साइट मिलने से रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को अब सड़क किनारे अस्थायी रूप से दुकान लगाने की मजबूरी से राहत मिलेगी। उन्हें एक निश्चित स्थान पर कारोबार करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय और रोजगार में स्थिरता आएगी। साथ ही ग्राहकों को भी बेहतर और सुरक्षित माहौल में खरीदारी की सुविधा मिलेगी।

इस पहल का एक बड़ा उद्देश्य शहर के सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित करना भी है। लंबे समय से सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से लगने वाली रेहड़ियों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती थी और अतिक्रमण की समस्या बढ़ रही थी। अब निर्धारित वेंडिंग जोन में दुकानें लगने से शहर में यातायात प्रबंधन बेहतर होने की उम्मीद है।

नगर निगम ने कहा कि अनधिकृत वेंडिंग पर नियंत्रण लगाने और शहर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आगे भी ऐसी योजनाओं को लागू किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि स्ट्रीट वेंडर्स को हटाने के बजाय उन्हें उचित स्थान उपलब्ध कराना अधिक प्रभावी समाधान है।

स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 के तहत सरकार और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है कि छोटे व्यापारियों की आजीविका की रक्षा की जाए और उन्हें सुरक्षित व्यापारिक माहौल उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ नगर निगम ने यह कदम उठाया है।

नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी पात्र लाभार्थियों के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी वेंडिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से जहां रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को स्थायी रोजगार का आधार मिलेगा, वहीं शहर में अतिक्रमण की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।

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