ग्रेनेड हमले के आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा

Update: 2026-07-21 10:16 GMT

पंजाब: मोगा जिले में थाना सदर पर हुए लो-इंटेंसिटी ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले की साजिश विदेश में बैठे लोगों के इशारे पर रची गई थी। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, मैगजीन और एक आईईडी बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की योजना फिरोजपुर-जम्मू ट्रेन में आईईडी विस्फोट करने की भी थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले ने बताया कि 8 जुलाई की सुबह करीब 3:15 बजे अज्ञात हमलावरों ने थाना सदर मोगा की इमारत के अंदर लो-इंटेंसिटी ग्रेनेड फेंककर हमला किया था। घटना के बाद थाना सदर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने तकनीकी जांच, खुफिया इनपुट और लगातार निगरानी के आधार पर इस पूरे मामले का खुलासा किया।

आईजी ने बताया कि डीजीपी पंजाब के निर्देशों पर गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जांच को आगे बढ़ाया गया। एसएसपी मोगा सरताज सिंह चहल की निगरानी में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। इसमें एसपी (डी) बाल कृष्ण सिंगला, डीएसपी (डी) गुरप्रीत सिंह, डीएसपी सिटी जतिंदर सिंह गिल, सीआईए स्टाफ प्रभारी दलजीत सिंह और थाना सदर प्रभारी हरविंदर सिंह की टीम शामिल थी।

पुलिस ने जांच के दौरान मुख्य आरोपियों गगन उर्फ काली निवासी ढेरू, जिला फिरोजपुर, राजेश उर्फ खन्ना निवासी लाल कुर्ती कैंट फिरोजपुर और शुभम उर्फ भिंदर निवासी कोतवाल, फिरोजपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में इन आरोपियों की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल किया गया स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद किया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरी साजिश के पीछे विदेश में बैठे इकबाल उर्फ रवि धालीवाल निवासी फिरोजपुर और कुलजीत कौर का हाथ था। पुलिस के अनुसार दोनों विदेश में मौजूद अपने साथियों लाजर उर्फ अमन और प्रवीण कौर के संपर्क में थे और पंजाब में वारदातों को अंजाम देने के लिए लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे।

पुलिस जांच में कई अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई। इनमें स्वर्ण, गोविंद, सागर, लवप्रीत, सुखविंदर कौर, रूठ, राज, जोन, सरबजीत, गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी, राहुल और करणदीप सिंह समेत कई लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने ग्रेनेड हमले की साजिश को अंजाम देने में मदद की थी।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित बड़ी साजिशों का पता लगाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले के खुलासे से पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क और विदेश से संचालित होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर बड़ा प्रहार हुआ है। पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों के तार किन-किन संगठनों और अन्य घटनाओं से जुड़े हुए हैं।

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