अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘वंदे मातरम’ के अपमान को देश कभी माफ नहीं करेगा
चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। अमित शाह ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत को पूरा नहीं गाया गया और इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर ‘वंदे मातरम’ का अपमान किया है।
अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
जनसभा में अमित शाह ने कहा, “उनकी बेशर्मी देखिए। कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाया जा रहा था। गीत के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से गाना रोकने को कहा।”
उन्होंने आगे कहा कि देश के लोग इस घटना को देख रहे थे और इसे लेकर जनता में नाराजगी है। शाह ने कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना हर भारतीय का कर्तव्य है।
अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा कदम देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
140 करोड़ लोगों का जिक्र
केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है। उन्होंने कहा, “140 करोड़ लोग आपको देख रहे हैं।”
अमित शाह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों का विशेष महत्व होता है। ऐसे मौके पर राष्ट्रीय गीत और प्रतीकों का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति ‘वंदे मातरम’ को अधूरा छोड़ने की कल्पना कैसे कर सकता है।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस को इस मामले पर देश से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने जानबूझकर राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं किया।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि देश की जनता ऐसे कृत्यों को स्वीकार नहीं करेगी। हालांकि, कांग्रेस ने पहले ही इन आरोपों को खारिज किया है और अपनी तरफ से अलग स्पष्टीकरण दिया है।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत
कांग्रेस की ओर से अमित शाह के आरोपों का खंडन किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई थी।
कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी लाने को कहा था, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे।
पार्टी का कहना है कि इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
‘वंदे मातरम’ को लेकर राजनीतिक विवाद
‘वंदे मातरम’ भारत का राष्ट्रीय गीत है और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह गीत लंबे समय से देश की राष्ट्रीय भावना से जुड़ा हुआ है।
इसी वजह से स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान से जुड़े कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया जाता है।
इस मुद्दे को लेकर अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
बीजेपी ने कांग्रेस पर उठाए सवाल
बीजेपी नेताओं ने भी इस मामले को लेकर कांग्रेस की आलोचना की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को देश की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस नेतृत्व राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर गंभीर नहीं है।
वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा है कि बीजेपी मुद्दे को बेवजह तूल दे रही है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह बना राजनीतिक मुद्दा
स्वतंत्रता दिवस समारोह आमतौर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार ‘वंदे मातरम’ को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
अमित शाह के बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। दोनों दल अपने-अपने पक्ष में तर्क दे रहे हैं।
आगे भी जारी रह सकता है विवाद
कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है। बीजेपी इसे राष्ट्र सम्मान से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इसे गलत आरोप बता रही है।