जयपुर। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने दीपावली से पहले राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में तीन प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद सातवें वेतनमान के अंतर्गत कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनर्स की महंगाई राहत 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। इसका सीधा लाभ प्रदेश के सात लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पांच लाख से ज्यादा पेंशनर्स को मिलेगा। इसके अलावा सरकार ने लगभग छह लाख पात्र कर्मचारियों को दीपावली तदर्थ बोनस देने का भी फैसला किया है। दोनों निर्णयों से राज्य सरकार पर लगभग 1,226 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। बढ़े हुए डीए और डीआर का लाभ एक जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।
सात लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
राजस्थान सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी होगी।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत अंक की वृद्धि को मंजूरी दी है।अब कर्मचारियों को मूल वेतन के 60 प्रतिशत के बजाय 63 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा।इससे कर्मचारियों के मासिक वेतन में उनकी बेसिक सैलरी के अनुसार अतिरिक्त राशि जुड़ेगी।सरकार के अनुसार, इस फैसले से सात लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का उद्देश्य बढ़ती कीमतों के बीच कर्मचारियों को आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है।त्योहारी सीजन में सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।पांच लाख पेंशनर्स को भी मिली राहतसरकार ने केवल कार्यरत कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी राहत की घोषणा की है।राज्य के पांच लाख से अधिक पेंशनर्स को अब 63 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी।
पहले यह दर 60 प्रतिशत थी।
महंगाई राहत यानी डीआर पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई के प्रभाव से कुछ हद तक राहत देने के लिए प्रदान की जाती है।इस बढ़ोतरी के बाद पेंशनर्स की मासिक पेंशन में भी संबंधित मूल पेंशन के आधार पर वृद्धि होगी।इसका लाभ उन पेंशनर्स को मिलेगा जो लागू सरकारी नियमों के अंतर्गत पात्र हैं।विशेष रूप से नियमित पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों के लिए यह बढ़ोतरी अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
एक जुलाई 2026 से लागू होगी बढ़ी हुई दर
राज्य सरकार ने डीए और डीआर की संशोधित दर को एक जुलाई 2026 से प्रभावी करने का निर्णय लिया है।इसका मतलब है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई से बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा।हालांकि, कर्मचारियों के एरियर और नकद भुगतान की व्यवस्था अलग-अलग तय की गई है।सरकारी जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों को नवंबर 2026 के वेतन के साथ बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद लाभ दिया जाएगा।नवंबर महीने का वेतन दिसंबर में देय होगा।इसलिए कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का नकद लाभ दिसंबर में मिलने वाले वेतन में दिखाई देगा।इसके अलावा जुलाई से अक्टूबर 2026 तक की चार महीने की एरियर राशि कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि यानी जीपीएफ खाते में जमा की जाएगी।
पेंशनर्स को जुलाई से मिलेगा नकद लाभ
पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत के भुगतान की व्यवस्था कर्मचारियों से अलग रखी गई है।राज्य सरकार के अनुसार, पेंशनर्स को बढ़ी हुई महंगाई राहत का नकद भुगतान एक जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।इसका मतलब है कि पात्र पेंशनर्स को निर्धारित अवधि के अनुसार संशोधित महंगाई राहत मिलेगी।हालांकि, व्यक्तिगत पेंशन खातों में राशि जमा होने की तारीख संबंधित भुगतान प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।पेंशनर्स को अपने बैंक खाते और पेंशन भुगतान विवरण की जांच करनी चाहिए।इस फैसले से बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
छह लाख कर्मचारियों को मिलेगा दिवाली बोनस
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ राजस्थान सरकार ने तदर्थ बोनस देने का भी निर्णय लिया है।इसका लाभ प्रदेश के लगभग छह लाख पात्र सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा।सरकार ने बोनस के लिए लगभग 406 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च का अनुमान लगाया है।तदर्थ बोनस कर्मचारियों को निर्धारित पात्रता और सेवा संबंधी नियमों के अनुसार दिया जाता है।हालांकि, बोनस की व्यक्तिगत राशि प्रत्येक पात्र कर्मचारी के लिए लागू नियमों के आधार पर निर्धारित होगी।अभी उपलब्ध ताजा घोषणा में हर कर्मचारी को मिलने वाली अधिकतम राशि और भुगतान की विस्तृत शर्तों की स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है।इसलिए सभी छह लाख कर्मचारियों को समान राशि मिलने का दावा करना उचित नहीं होगा।
सरकार पर पड़ेगा 1,226 करोड़ रुपये का भार
राजस्थान सरकार के दोनों फैसलों से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।सरकार के अनुसार, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में तीन प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी से लगभग 820 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।वहीं, करीब छह लाख पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने से लगभग 406 करोड़ रुपये खर्च होंगे।इस प्रकार कुल अनुमानित अतिरिक्त वित्तीय भार 1,226 करोड़ रुपये होगा।सरकार का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।यह व्यय राज्य के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए निर्धारित वित्तीय प्रावधानों के अंतर्गत वहन किया जाएगा।
जानिए कितनी बढ़ सकती है आपकी सैलरी
महंगाई भत्ता मूल वेतन के आधार पर निर्धारित होता है। इसलिए कर्मचारियों को मिलने वाली अतिरिक्त राशि उनकी बेसिक सैलरी के अनुसार अलग-अलग होगी।उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30 हजार रुपये है, तो तीन प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी से उसे हर महीने 900 रुपये अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा।इसी तरह 40 हजार रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 1,200 रुपये और 50 हजार रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 1,500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
मूल वेतन पहले DA (60%) नया DA (63%) मासिक बढ़ोतरी
₹20,000 ₹12,000 ₹12,600 ₹600
₹30,000 ₹18,000 ₹18,900 ₹900
₹40,000 ₹24,000 ₹25,200 ₹1,200
₹50,000 ₹30,000 ₹31,500 ₹1,500
₹60,000 ₹36,000 ₹37,800 ₹1,800
ये गणनाएं केवल डीए में बढ़ोतरी को दर्शाती हैं। वास्तविक हाथ में मिलने वाला वेतन अन्य भत्तों, कटौतियों और लागू नियमों से प्रभावित हो सकता है।
महंगाई भत्ता क्यों बढ़ाया जाता है?
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के प्रभाव से राहत देने के लिए दिया जाता है।आमतौर पर महंगाई भत्ते की दरों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है।वेतन आयोग की व्यवस्था और संबंधित सरकारी निर्णयों के आधार पर इसमें संशोधन होता है।महंगाई बढ़ने से परिवारों के घरेलू बजट पर असर पड़ता है।खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुओं, परिवहन और अन्य आवश्यक खर्चों में बढ़ोतरी होने पर कर्मचारियों की क्रय शक्ति प्रभावित हो सकती है।ऐसी स्थिति में महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई दर से अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलती है।पेंशनर्स के लिए इसी तरह की सुविधा महंगाई राहत के रूप में उपलब्ध कराई जाती है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और सुशासन में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।मुख्यमंत्री के अनुसार, 'आपणो अग्रणी राजस्थान' के संकल्प को साकार करने में कर्मचारी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों की सुरक्षा तथा आर्थिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।सरकार ने दोनों फैसलों को दीपावली के अवसर पर कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक राहत के रूप में प्रस्तुत किया है।
कर्मचारियों को कब मिलेगा बढ़ा हुआ पैसा?
सरकार की ओर से घोषित व्यवस्था के अनुसार, बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान नवंबर महीने के वेतन से शुरू होगा, जिसका भुगतान दिसंबर 2026 में किया जाएगा।जुलाई से अक्टूबर तक की एरियर राशि जीपीएफ खाते में जमा की जाएगी।पेंशनर्स को संशोधित महंगाई राहत का लाभ एक जुलाई से नकद भुगतान के रूप में मिलेगा।वहीं, तदर्थ बोनस का भुगतान पात्रता और संबंधित आदेशों के अनुसार किया जाएगा।कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विभाग और कोषालय से जारी आधिकारिक निर्देशों के आधार पर भुगतान की जानकारी प्राप्त करें।सरकार के इस निर्णय से 12 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा, जबकि लगभग छह लाख पात्र कर्मचारियों को बोनस के रूप में अलग आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी।
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