Bikaner: सीएम के बीकानेर आगमन से पहले कांग्रेस का बड़ा दावा, मांगा एक हजार करोड़ का पैकेज
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से की मांग, बीकानेर के लिए एक हजार करोड़ का ऐलान करें
बीकानेर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीकानेर आगमन से पहले कांग्रेस नेताओं ने जिले और शहर की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर सरकार से ठोस घोषणाएं करने की मांग की है।
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने मुख्यमंत्री से बीकानेर के विकास के लिए ’’एक हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज’’ देने की घोषणा करने का आग्रह किया। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने बीकानेर शहर की सड़क, पानी, बिजली, चिकित्सा, सफाई, कानून व्यवस्था और यातायात सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
बिशनाराम सियाग ने कहा कि बीडीए के अधीन करीब 40 हजार बीघा गोचर भूमि, जिसमें 188 खसरों का उल्लेख है, उसे वापस राजस्व रिकॉर्ड में गोचर भूमि के रूप में दर्ज किया जाए। उन्होंने पूरे राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई पर पूर्ण रोक लगाने के लिए कठोर खेजड़ी बचाओ एक्ट बनाने की मांग की।
सियाग ने बीकानेर ग्रामीण क्षेत्र के जीर्ण-शीर्ण उपस्वास्थ्य केंद्रों के जीर्णाेद्धार के लिए बजट देने, स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवाने तथा नोखा में जिला अस्पताल और श्रीडूंगरगढ़ में ट्रॉमा सेंटर शुरू करने की मांग की। उन्होंने जिले के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी दूर करने तथा पीबीएम अस्पताल के लिए 200 करोड़ रुपये की घोषणा करने की मांग की, जिससे यूरोलॉजी, एसएसबी, एमसीएच और जनाना वार्ड का जीर्णाेद्धार हो सके। इसके अलावा हार्ट हॉस्पिटल में बाईपास सर्जरी की सुविधा शुरू करने तथा पीबीएम में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। शिक्षा के क्षेत्र में ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और जर्जर विद्यालय भवनों के जीर्णाेद्धार एवं पुनर्निर्माण के लिए बजट उपलब्ध करवाने की मांग की गई।
मदनगोपाल मेघवाल ने मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान शहर में होने वाली व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2023 में प्रधानमंत्री के दौरे के समय बैरिकेडिंग के लिए खोदे गए गड्ढों को मुख्यमंत्री के दौरे से पहले खानापूर्ति के तौर पर भरा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने वाले मार्गों पर ही नाममात्र का डामरीकरण किया जा रहा है, जबकि शहर की अन्य टूटी सड़कों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने शहर में गंदे पानी की समस्या, स्वीकृत 16 पानी की टंकियों का काम शुरू नहीं होने तथा आवारा पशुओं और पब्लिक पार्क क्षेत्र में बंदरों के आतंक का मुद्दा उठाया।
मेघवाल ने बीकेईएसएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एमओयू के अनुसार मेंटेनेंस नहीं होने, ट्रांसफॉर्मरों की तारबंदी नहीं होने, वीसीआर के नाम पर आमजन में भय की स्थिति, बिजली कटौती और नए मीटरों से जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि एफआरटी टीमों की संख्या 30 से घटाकर चार किए जाने से बिजली के फॉल्ट समय पर ठीक नहीं हो पा रहे हैं।
दोनों जिलाध्यक्षों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह किया कि बीकानेर प्रवास के दौरान केवल औपचारिक घोषणाओं तक सीमित न रहते हुए जिले और शहर की इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए बजट, समयबद्ध कार्ययोजना और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत, प्रहलादसिंह मार्शल, रमजान कच्छावा, आनन्दसिंह सोढ़ा, सुभाष स्वामी, सांवरलाल भादू, राहुल जादुसंगत, कामेश्वरप्रताप सिंह सहित अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहे।