जयपुर। राजस्थान में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के बाद अब ठंडक का अहसास बढ़ने लगा है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर में सुबह और शाम के समय गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है, वहीं भीलवाड़ा में घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोहरे का असर इतना अधिक रहा कि कोटा-भीलवाड़ा हाईवे पर दृश्यता घटकर करीब 100 फीट तक सिमट गई। इसके कारण वाहन चालकों को सड़क पर आगे देखने में परेशानी हुई और गाड़ियां धीमी गति से चलानी पड़ीं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान और 1 नवंबर से पूर्वी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां थमने और आसमान साफ रहने का अनुमान है। ऐसे में दिन में धूप के कारण गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।
जोधपुर में सुबह-शाम बढ़ने लगी ठंडक
जोधपुर में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है। दिन के समय तेज धूप निकलने के बावजूद सुबह और देर शाम तापमान में गिरावट का अहसास होने लगा है। स्थानीय स्तर पर लोग हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने लगे हैं। मौसम के इस बदलाव को सर्दियों की शुरुआती आहट के रूप में देखा जा रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 31 अक्टूबर के तापमान संबंधी आंकड़ों के अनुसार, जोधपुर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मौसम पूर्वानुमान में नवंबर के शुरुआती दिनों में आसमान साफ रहने और दिन का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
इससे स्पष्ट है कि फिलहाल जोधपुर में दिन की गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन सुबह और रात के तापमान में अंतर के कारण हल्की ठंडक महसूस हो रही है।
भीलवाड़ा में घने कोहरे से हाईवे पर थमी रफ्तार
भीलवाड़ा में मौसम के बदले मिजाज के बीच घने कोहरे ने परेशानी बढ़ा दी। सुबह के समय कोहरे की चादर छाने से कोटा-भीलवाड़ा हाईवे पर दृश्यता करीब 100 फीट तक सीमित होने की जानकारी सामने आई। हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी।
कोहरे के कारण सुबह के समय सड़क पर सफर करना चुनौतीपूर्ण हो गया। खासकर तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों के लिए स्थिति जोखिम भरी रही। वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने तथा एक-दूसरे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की जरूरत पड़ी।
मौसम विभाग के 31 अक्टूबर के आंकड़ों के अनुसार, भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 92 प्रतिशत दर्ज की गई। अधिक नमी और मौसम की स्थानीय परिस्थितियां कोहरा बनने में सहायक हो सकती हैं। हालांकि, हाईवे पर 100 फीट दृश्यता का आंकड़ा स्थानीय रिपोर्ट पर आधारित है, इसे पूरे जिले की आधिकारिक दृश्यता का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
पश्चिमी विक्षोभ के बाद अब शुष्क रहेगा मौसम
राजस्थान में पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई इलाकों में मौसम बदला था। 29 अक्टूबर को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला था। मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश की संभावना जताई थी।
इसके बाद अब मौसम में फिर बदलाव आने लगा है। पश्चिमी राजस्थान में 31 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां कम होने और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में भी 1 नवंबर से मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राज्य में किसी बड़े बारिश के सिस्टम का प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश से राहत रहने की उम्मीद है।
नवंबर की शुरुआत में दिन में धूप और रात में ठंड का असर
नवंबर के पहले सप्ताह में राजस्थान के मौसम में दिन और रात के तापमान का अंतर देखने को मिल सकता है। दिन में तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का अहसास होगा, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है।
जोधपुर में 1 नवंबर को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
आसमान साफ रहने के कारण दिन में धूप का असर बढ़ेगा। वहीं रात के तापमान में धीरे-धीरे बदलाव के साथ ठंडक महसूस हो सकती है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के चलते लोगों को सुबह घर से निकलते समय हल्के गर्म कपड़े रखने की सलाह दी जाती है।
कोहरे में वाहन चलाते समय बरतें सावधानी
भीलवाड़ा में हाईवे पर कम दृश्यता की स्थिति को देखते हुए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कोहरे के दौरान तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसे में वाहन की गति नियंत्रित रखें और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
इसके अलावा फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। सड़क पर दृश्यता बेहद कम होने पर सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकना बेहतर रहता है।
कुल मिलाकर राजस्थान में अक्टूबर का अंत मौसम के बदलाव के साथ हो रहा है। जोधपुर में गुलाबी ठंड का अहसास बढ़ने लगा है तो भीलवाड़ा में कोहरे ने सुबह की आवाजाही प्रभावित की है। वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 नवंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम रहने की संभावना है। अब नवंबर के साथ राजस्थान में सर्दियों का असर धीरे-धीरे बढ़ने का इंतजार है।
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