बस संचालक को राहत, हाई कोर्ट ने राजस्थान परिवहन का नोटिस किया रद्द
आरसी निलंबन पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का अहम फैसला
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान का परिवहन प्राधिकरण उत्तर प्रदेश में पंजीकृत बस का पंजीकरण प्रमाणपत्र यानी आरसी निलंबित नहीं कर सकता। न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने बस मालिक दिनेश सिंह सिकरवार की याचिका स्वीकार कर 12 फरवरी का संबंधित नोटिस रद्द कर दिया।
राजस्थान परिवहन प्राधिकरण ने याची की बस की आरसी निलंबित करके इसकी जानकारी एनआईसी पोर्टल पर दर्ज की थी। राजस्थान सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धाराओं 53 और 55 के तहत कार्रवाई का अधिकार होने की दलील दी।
याची के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के महेंद्र गुप्ता बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले के निर्णय का हवाला दिया। इसके अनुसार, राजस्थान का प्राधिकरण दूसरे राज्य में पंजीकृत वाहन का अपने राज्य में संचालन रोक सकता है, लेकिन उसकी आरसी निलंबित नहीं कर सकता।
हाई कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय बाध्यकारी है। राजस्थान प्राधिकरण उस मामले में पक्षकार था और उसकी पुनर्विचार याचिका भी खारिज हो चुकी है। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि याची बस को उत्तर प्रदेश के पंजीकरण प्राधिकारी के सामने प्रस्तुत कर चुका है।