चेन्नई: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर बढ़ने की संभावना है, जिसके चलते तमिलनाडु में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होने के आसार हैं।
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के अनुसार, पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र शनिवार को 'डिप्रेशन' (गहरा कम दबाव) में बदल सकता है। इसके बाद 25 अक्टूबर को यह 'डीप डिप्रेशन' में तब्दील हो सकता है और 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।
इस सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 28 अक्टूबर की सुबह के आसपास आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की उम्मीद है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों के लिए चक्रवात से पहले की चेतावनी (प्री-साइक्लोन वॉच) जारी की है।
इस बीच, शनिवार को तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय रहा, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। शनिवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में, नीलगिरी के बुरलियार में सबसे अधिक 25 सेमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद किल कोटागिरी एस्टेट में 20 सेमी बारिश हुई। कुन्नूर AWS और कुन्नूर PTO में 17-17 सेमी, जबकि अलकराई एस्टेट में 16 सेमी बारिश दर्ज की गई। कोयंबटूर जिले के मेट्टुपालयम में 15 सेमी और कोटागिरी में 14 सेमी बारिश हुई।