Tamil Nadu: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन प्रयासों की समीक्षा की
चेन्नई: गुरुवार को एझिलागम में राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत काम कर रहे 'राज्य आपातकालीन कार्य केंद्र' (State Emergency Action Centre) की गतिविधियों का जायजा लेते हुए, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उत्तर-पूर्वी मानसून (जो पहले ही शुरू हो चुका है) के असर से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से आपातकालीन स्थितियों में बिना किसी देरी के कार्रवाई करने को कहा।
गुरुवार को चेन्नई में इस केंद्र का निरीक्षण करते हुए, मुख्यमंत्री विजय ने मानसून से निपटने के लिए चेन्नई के अलावा अन्य जिलों में की गई तैयारियों और समन्वित प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने उन जिलों के कलेक्टर्स से भी बातचीत की, जहां राज्य में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बारिश और बाढ़ के कारण होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने और एहतियाती उपाय करने पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर्स से कहा कि वे सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित करें। साथ ही, उन्होंने 'अल नीनो' (El Nino) के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए मानसून की स्थिति से निपटने के निर्देश दिए।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जिन जिलों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है, उनमें नीलगिरी, कोयंबटूर, डिंडीगुल, विरुधुनगर, तेनकासी, कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थेनी, शिवगंगा, पुदुकोट्टई, तिरुवरुर, तंजावुर, नागपट्टिनम और मयिलादुथुराई शामिल हैं।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि विभाग ने एक 'एकीकृत बहु-खतरा निगरानी डैशबोर्ड' (Integrated Multi-hazard monitoring dashboard) तैयार किया है। इसके अधिकारी वीडियो कॉल के जरिए जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और आपदा रोकथाम तथा बचाव कार्यों से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं।