बिजली विभाग में रिश्वतखोरी का खुलासा ACB ने असिस्टेंट इंजीनियर को दबोचा
हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली वितरण कंपनी के एक असिस्टेंट इंजीनियर को कथित तौर पर 1.20 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी अधिकारी पर छह नए बिजली मीटर लगाने से संबंधित ऑनलाइन आवेदनों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की सिटी रेंज-II टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। इस घटना के बाद बिजली विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठ रहे हैं।अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान पंडला संध्या राकेश के रूप में हुई है। वह तेलंगाना सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (TGSPDCL) के संतोष नगर सब-डिवीजन के अंतर्गत मदान्नापेट सेक्शन में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। एसीबी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को यह कार्रवाई की।
छह बिजली मीटर की मंजूरी के बदले मांगे रुपये
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने छह नए बिजली मीटर लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। ये आवेदन पुराने और लापता हो चुके बिजली मीटरों के स्थान पर नए मीटर लगाने से संबंधित थे।आरोप है कि असिस्टेंट इंजीनियर पंडला संध्या राकेश ने इन आवेदनों को मंजूरी देने के बदले शिकायतकर्ता से 1 लाख 20 हजार रुपये की मांग की।शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत की मांग को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया। इसके बाद अधिकारियों ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना तैयार की।
ACB ने जाल बिछाकर की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की सिटी रेंज-II टीम सक्रिय हुई। अधिकारियों ने शिकायत के आधार पर रिश्वत लेने के आरोप की जांच की और आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप ऑपरेशन चलाया।जानकारी के अनुसार, जब असिस्टेंट इंजीनियर शिकायतकर्ता से कथित रिश्वत की रकम स्वीकार कर रहा था, तभी एसीबी अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया।अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास से 1.20 लाख रुपये की पूरी रकम बरामद की गई है।एसीबी का आरोप है कि अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शिकायतकर्ता से अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त करने की कोशिश की।
ऑनलाइन आवेदन की मंजूरी को लेकर विवाद
यह मामला बिजली विभाग की ऑनलाइन सेवा से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने पुराने मीटरों के स्थान पर नए मीटर लगवाने के लिए निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत आवेदन किया था।इन आवेदनों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जानी थी।लेकिन शिकायत के अनुसार, आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर ने आवेदनों को मंजूरी देने के लिए रिश्वत की मांग की।इस घटना ने सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता और आवेदनों की स्वीकृति प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
विशेष अदालत में पेश किया जाएगा आरोपी
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए नामपल्ली स्थित विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।यह अदालत विशेष पुलिस प्रतिष्ठान और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संबंधित मामलों की सुनवाई करती है।अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने के लिए अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट होगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने की अपील
तेलंगाना एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी आधिकारिक काम करने के बदले रिश्वत मांगता है, तो उसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें।भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री नंबर 1064 उपलब्ध कराया है।इसके अलावा नागरिक व्हाट्सऐप नंबर 9440446106 के माध्यम से भी शिकायत कर सकते हैं।एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि लोग बिना भय के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जानकारी दे सकें।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
बिजली मीटर की मंजूरी जैसे काम के बदले कथित तौर पर इतनी बड़ी रकम मांगने की घटना ने सरकारी सेवाओं में जवाबदेही की आवश्यकता को सामने लाया है।नए बिजली कनेक्शन, मीटर बदलने और उपभोक्ताओं से संबंधित अन्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुविधाएं मिल सकें।फिलहाल एसीबी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रिश्वत की रकम बरामद करने का दावा किया है। यह मामला अभी जांच के चरण में है और आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।