YISU में बनेगा इनोवेशन रिसर्च सेंटर, CM ने दिए निर्देश

Update: 2026-07-31 11:19 GMT

हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य की ‘यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी’ (YISU) को वैश्विक स्तर का कौशल विकास संस्थान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अधिकारियों से कहा कि विश्वविद्यालय में इनोवेशन और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ‘स्किल, ह्यूमन कैपिटल एंड नॉलेज ट्रेनिंग इनिशिएटिव्स’ (SHAKTI) विभाग के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों, भविष्य की योजनाओं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली पहलों पर चर्चा की।

इनोवेशन और रिसर्च पर होगा जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक समय में कौशल विकास के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी में एक इनोवेशन रिसर्च सेंटर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिसर्च सेंटर के माध्यम से छात्रों और युवाओं को नई तकनीकों, उद्योग आधारित अनुसंधान और रचनात्मक सोच के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री का उद्देश्य विश्वविद्यालय को ऐसा मंच बनाना है, जहां छात्र केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि नए विचारों और तकनीकी समाधान विकसित करने की दिशा में भी काम कर सकें।

विदेशी भाषाओं की शिक्षा के लिए बनेगा विंग

बैठक में मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में विदेशी भाषाओं की शिक्षा के लिए एक अलग विंग स्थापित करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक रोजगार बाजार में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विदेशी भाषाओं का ज्ञान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि तेलंगाना के युवा वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि युवाओं को व्यावहारिक और रोजगारपरक शिक्षा मिल सके।

आनंद महिंद्रा हैं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन

यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन उद्योगपति आनंद महिंद्रा हैं। विश्वविद्यालय को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि उद्योग जगत के विशेषज्ञों की भागीदारी से विश्वविद्यालय में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे छात्रों को रोजगार बाजार की वास्तविक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा।

उद्योग और शिक्षा के बीच तालमेल पर जोर

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बैठक के दौरान शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मजबूत तालमेल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों को केवल शैक्षणिक गतिविधि तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें उद्योगों की मांग और भविष्य की तकनीकी जरूरतों से जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं, जिनसे छात्रों को रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने का अवसर मिले।

युवाओं के लिए नए अवसरों की तैयारी

तेलंगाना सरकार यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी के माध्यम से युवाओं को आधुनिक कौशल उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवाओं को नई तकनीक, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और वैश्विक स्तर की क्षमताओं से लैस किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में रोजगार के स्वरूप तेजी से बदल रहे हैं और ऐसे में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

SHAKTI विभाग के साथ हुई समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री ने SHAKTI विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में विश्वविद्यालय की प्रगति और आगामी योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में कौशल प्रशिक्षण के विस्तार, नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विश्वविद्यालय का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचे।

वैश्विक पहचान बनाने की कोशिश

तेलंगाना सरकार यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी को देश के प्रमुख कौशल संस्थानों में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। इनोवेशन रिसर्च सेंटर और विदेशी भाषा प्रशिक्षण जैसे कदमों को इसी व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब विश्वविद्यालय में नई सुविधाओं और कार्यक्रमों को विकसित करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे और तेलंगाना कौशल विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना सकेगा।

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