हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। शुक्रवार को उन्होंने प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी हुंडई के सामने हैदराबाद में कार निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद अपनी भौगोलिक स्थिति, आधुनिक सुविधाओं और अनुकूल औद्योगिक वातावरण के कारण ऑटोमोबाइल विनिर्माण के लिए एक उपयुक्त स्थान है। उन्होंने कंपनी को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार तेलंगाना में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने को तैयार है।मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, हुंडई मोटर्स इंडिया इंजीनियरिंग (HMIE) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कंपनी के प्रबंध निदेशक चांगयोन चो कर रहे थे। यह बैठक हैदराबाद स्थित बोधि पैवेलियन में आयोजित की गई।
हुंडई के प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री की मुलाकात
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने हैदराबाद को वाहन निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए एक आदर्श स्थान के रूप में प्रस्तुत किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार राज्य में विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हुंडई के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि यदि कंपनी यहां अपनी विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार करना चाहती है, तो सरकार आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार है।इस मुलाकात को राज्य में बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हैदराबाद की भौगोलिक स्थिति को बताया बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बैठक में हैदराबाद की भौगोलिक स्थिति को निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना देश के मध्य भाग में स्थित है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के साथ संपर्क स्थापित करने में सुविधा मिल सकती है।उन्होंने हैदराबाद को एक कॉस्मोपॉलिटन शहर बताते हुए कहा कि यहां विभिन्न संस्कृतियों के लोग रहते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, हैदराबाद देश के छह प्रमुख महानगरों में सबसे सुरक्षित और रहने के लिए बेहतर शहरों में गिना जाता है।मुख्यमंत्री ने इन विशेषताओं को औद्योगिक निवेश के लिए सकारात्मक पहलू के रूप में प्रस्तुत किया।
जहीराबाद में प्रस्तावित रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर पर चर्चा
बैठक में हुंडई के प्रस्तावित इंटीग्रेटेड ग्लोबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर को लेकर भी चर्चा हुई। इस परियोजना को तेलंगाना के जहीराबाद स्थित नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग जोन (NIMZ) में विकसित करने की योजना है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस परियोजना में लगभग 8,528 करोड़ रुपये के निवेश और 4,276 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। लगभग 678 एकड़ में प्रस्तावित परियोजना में अनुसंधान और वाहन परीक्षण से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। हालांकि, कार निर्माण इकाई स्थापित करने का मुख्यमंत्री का प्रस्ताव इस परियोजना से अलग है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर जोर
तेलंगाना सरकार राज्य में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन और आधुनिक इंजीनियरिंग से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। राज्य में वाहन परीक्षण, अनुसंधान और तकनीकी विकास से संबंधित सुविधाओं के विस्तार की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।सरकार का उद्देश्य औद्योगिक निवेश के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने का है।
हुंडई के निवेश से बढ़ सकती हैं रोजगार की संभावनाएं
हुंडई जैसी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी की विनिर्माण इकाई स्थापित होने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इसके साथ ऑटोमोबाइल कलपुर्जों, तकनीकी सेवाओं और अन्य सहायक उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी बन सकती हैं।फिलहाल हैदराबाद में कार निर्माण इकाई स्थापित करने को लेकर कंपनी की ओर से किसी अंतिम फैसले की पुष्टि नहीं हुई है।मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में सरकार के सहयोग का भरोसा दोहराया। आने वाले समय में हुंडई के निवेश संबंधी फैसले से स्पष्ट होगा कि राज्य में प्रस्तावित औद्योगिक विस्तार किस रूप में आगे बढ़ता है।