NEET विवाद पर रेवंत रेड्डी की कैंडल रैली

Update: 2026-07-25 06:03 GMT

हैदराबाद : तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी शनिवार शाम को राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस नेताओं की कैंडललाइट रैली का नेतृत्व करेंगे। यह रैली दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित हमलों और NEET पेपर लीक मामले को केंद्र सरकार द्वारा संभालने के तरीके के विरोध में आयोजित की जा रही है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, यह कैंडललाइट मार्च हैदराबाद के पीपल्स प्लाजा से शुरू होकर नेकलेस रोड स्थित पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा तक निकाला जाएगा। रैली के जरिए कांग्रेस केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग करेगी।

रैली में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ राज्य सरकार के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इनमें उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड, राज्य के मंत्री, विधायक और पार्टी के अन्य पदाधिकारी शामिल होने की संभावना है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। पार्टी केंद्र सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।

NEET परीक्षा के आयोजन को लेकर देशभर में विवाद खड़ा हुआ है। कई छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में हुई खामियों के कारण मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा।

इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। तेलंगाना में होने वाली यह कैंडललाइट रैली भी इसी विरोध अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि रैली का उद्देश्य छात्रों के साथ एकजुटता दिखाना और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को मजबूती से उठाना है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

इससे पहले शुक्रवार को तेलंगाना में वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में बंद का आह्वान किया गया था। बंद के दौरान राज्य के कई शिक्षण संस्थान बंद रहे। छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

वामपंथी छात्र संगठनों का कहना है कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

वहीं, कांग्रेस ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित व्यवहार को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं को सुना जाना चाहिए और समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में होने वाली इस रैली को तेलंगाना कांग्रेस के लिए एक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी इस मुद्दे के जरिए छात्रों और युवाओं से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठा रही है।

रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

NEET विवाद को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच तेलंगाना में होने वाली यह कैंडललाइट रैली राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से पार्टी इस मुद्दे पर अपना रुख और मजबूत तरीके से सामने रखने की तैयारी में है।

फिलहाल सभी की नजर शनिवार शाम होने वाली इस रैली पर है, जहां कांग्रेस नेतृत्व NEET विवाद और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखेगा।

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