Telangana HC का बड़ा रुख, कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी पर HYDRAA से मांगा जवाब
तेलंगाना हाई कोर्ट ने कार्रवाई के तरीके पर उठाए सवाल
हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार, 30 जुलाई को हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट्स प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) को अपने आदेशों को नज़रअंदाज़ करने के लिए फटकार लगाई।
हाई कोर्ट ने एजेंसी द्वारा एक प्राइवेट कंपाउंड वॉल (दीवार) को गिराए जाने का ज़िक्र करते हुए कहा कि न तो तहसीलदार और न ही ज़िला कलेक्टर ने ऐसा कोई निर्देश दिया था। जस्टिस एनवी श्रवण कुमार ने कहा कि सरकारी अधिकारी और HYDRAA जैसी एजेंसियां लोगों को गुमराह कर रही हैं।
कोर्ट ने यह भी पाया कि एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी है और वे कानून का पालन किए बिना एकतरफ़ा फ़ैसले लेती हैं। कुमार ने यह बात पेम्मासानी सुधा रानी की याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। सुधा रानी ने आरोप लगाया था कि रेवेन्यू और HYDRAA के अधिकारियों ने कोंडापुर के सर्वे नंबर 60 में प्लॉट नंबर 9 पर मौजूद उनकी प्रॉपर्टी के ढांचे को बिना कोई नोटिस दिए या कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना गिरा दिया। इसके बाद जज ने तहसीलदार को तलब किया था।
30 जुलाई को तहसीलदार ने कोर्ट को बताया कि न तो उन्होंने और न ही उनके ऑफ़िस ने HYDRAA को तोड़-फोड़ की कार्रवाई करने के लिए कहा था।
कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को एक हफ़्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।