तेलंगाना: तेलंगाना पुलिस विभाग 'फिट कॉप' (Fit Cop) नाम की एक पहल शुरू करने जा रहा है। यह एक ऐप-आधारित व्यापक स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य राज्य भर के 90,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और उनकी भलाई की निगरानी करना और उसमें सुधार लाना है। पुलिस महानिदेशक (DGP) सी.वी. आनंद ने शुक्रवार को बताया कि अपनी कठिन ड्यूटी और काम के तनाव के कारण, पुलिसकर्मियों को अक्सर अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए बहुत कम समय मिल पाता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर जनसेवा देने के लिए पुलिसकर्मियों का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस पहल को 'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' और अन्य संगठनों के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। 'TG फिट कॉप' को एक 'पुलिस स्वास्थ्य प्रबंधन प्रोफाइल प्रणाली' के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जिसके जरिए पुलिसकर्मी एक समर्पित मोबाइल ऐप पर अपने स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
विभाग इस कार्यक्रम को अगले 30 से 45 दिनों के भीतर लागू करने के लिए एक कार्य योजना पर काम कर रहा है। DGP कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह ऐप स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख मापदंडों की जानकारी इकट्ठा करेगा। इनमें मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), ​​बॉडी मास इंडेक्स (BMI), पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं, जीवनशैली की आदतें, शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान और शराब के सेवन जैसी चीजें शामिल हैं।
राज्य भर के पुलिसकर्मी अपने मोबाइल फोन नंबर का इस्तेमाल करके इस सिस्टम तक पहुंच सकेंगे। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, उन्हें कम, मध्यम और उच्च जोखिम वाले समूहों में बांटा जाएगा। स्वास्थ्य जोखिम के इस आकलन से उन लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिन्हें चिकित्सा सहायता और समय पर इलाज की जरूरत है।
'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' के संस्थापक सलमान ने इस सहायता प्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य जोखिम स्तर के आधार पर, एक समर्पित कॉल सेंटर के जरिए उनसे संपर्क किया जाएगा। जिन्हें अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी, उन्हें मेडिकल जांच, अस्पताल में इलाज, स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन और काउंसलिंग की सुविधा दी जाएगी।
उम्मीद है कि इस पहल से स्वास्थ्य संबंधी संभावित जटिलताओं—खासकर किडनी से जुड़ी बीमारियों, मधुमेह और उच्च रक्तचाप—का शुरुआती चरण में ही पता चल सकेगा और समय रहते इलाज मिल सकेगा। 'फिट कॉप' का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बीमारियों के गंभीर रूप लेने से पहले ही 'निवारक स्वास्थ्य देखभाल' (preventive healthcare) को बढ़ावा देना है।
यह कार्यक्रम तेलंगाना पुलिस की सभी इकाइयों और विंग्स में लागू किया जाएगा। DGP आनंद ने उम्मीद जताई कि 'फिट कॉप' पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और उनकी समग्र भलाई सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत प्रणाली साबित होगी। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, 'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' के प्रतिनिधि और अन्य भाग लेने वाले संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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