नई दिल्ली : सैयद रहीम पाशा ने इंसानियत और दयालुता को जीवन की सबसे बड़ी दौलत बताते हुए कहा कि केवल पैसा ही किसी व्यक्ति की पहचान नहीं बनाता, बल्कि दूसरों के प्रति उसका व्यवहार और मदद करने की भावना उसे खास बनाती है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग आर्थिक सफलता को ज्यादा महत्व देते हैं, लेकिन समाज को मजबूत बनाने के लिए प्रेम, करुणा और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना जरूरी है। जरूरतमंदों की मदद करना और मानवता के प्रति जिम्मेदारी निभाना ही वास्तविक उपलब्धि है।
इंसानियत को बताया सबसे बड़ी ताकत
सैयद रहीम पाशा ने कहा कि धन-दौलत समय के साथ बदल सकती है, लेकिन किसी के लिए किया गया अच्छा काम और दयालु व्यवहार हमेशा याद रहता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन में दूसरों की मदद करने की आदत विकसित करें।
समाज में सकारात्मक बदलाव की जरूरत
उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति अपने आसपास के लोगों के प्रति संवेदनशील रहे तो समाज में आपसी सहयोग और भाईचारा मजबूत होगा। छोटी-छोटी मदद भी किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
युवाओं से की अपील
सैयद रहीम पाशा ने युवाओं से कहा कि वे सफलता के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी महत्व दें। उन्होंने कहा कि वास्तविक सम्मान वही व्यक्ति हासिल करता है जो अपनी उपलब्धियों के साथ समाज के लिए भी योगदान देता है। उन्होंने दोहराया कि जीवन में पैसा जरूरी है, लेकिन इंसानियत, प्रेम और दया जैसी भावनाएं ही समाज को बेहतर बनाती हैं।
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