अगरतला: त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि वे आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) के उम्मीदवारों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराएं, ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकें।
यह निर्देश तब आया जब विपक्षी दल CPI(M) ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और आरोप लगाया कि राज्य के मोहनपुर और चार अन्य उप-मंडलों में उनके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा है। पार्टी का दावा है कि पर्याप्त सुरक्षा न होने के कारण उनके उम्मीदवार नामांकन केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
वाम दल द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए, न्यायमूर्ति सब्यसाची दत्ता पुरकायस्थ ने DGP को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं कि संबंधित वाम मोर्चा उम्मीदवार शुक्रवार तक पुलिस सुरक्षा के बीच अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकें।
अदालत ने कहा कि उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार है और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नामांकन दाखिल करने के लिए तय समय-सीमा के भीतर एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करें।
इस मामले में CPI(M) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता तापस दत्ता मजूमदार पेश हुए। यह याचिका ऐसे समय में दायर की गई है जब विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि आगामी नगरपालिका और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए चल रही नामांकन प्रक्रिया के दौरान कई जगहों पर बाधाएं डाली जा रही हैं और उम्मीदवारों को डराया-धमकाया जा रहा है।