उत्तर प्रदेश : पुलिस विभाग में आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकता है। विभाग में एक तरफ पीपीएस संवर्ग से आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति पाने वाले 28 अधिकारी नई जिम्मेदारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अगस्त के अंत तक कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का सेवाकाल पूरा होने जा रहा है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के बाद पुलिस विभाग में तबादलों और नई तैनातियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि डीजी स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र से लेकर जिलों की पुलिस कमान तक में बदलाव हो सकता है।
एक जुलाई को उत्तर प्रदेश के 28 पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति देने का आदेश जारी किया गया था। पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां और तैनाती मिलने का इंतजार है। पुलिस विभाग में चर्चा है कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के बाद इन अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों के अनुभव, फील्ड में उनके कामकाज और उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियां तय किए जाने की तैयारी की जा रही है।
इस बीच अगस्त का महीना उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों के सेवाकाल की समाप्ति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। डीजी फायर सर्विस मुथा अशोक जैन का कार्यकाल इस महीने पूरा हो रहा है। उनके कार्यकाल के समाप्त होने के बाद वरिष्ठता क्रम के आधार पर एडीजी अशोक कुमार सिंह को डीजी पद पर पदोन्नति मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात एडीजी रवि जोसेफ लोक्कू समेत करीब 10 आईपीएस अधिकारी भी अगस्त के अंत तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
इन अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने से पुलिस विभाग में कई महत्वपूर्ण पद खाली होंगे। ऐसे में इन पदों पर नई नियुक्तियां और मौजूदा अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव स्वाभाविक माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विभाग में तबादलों को लेकर शुरुआती स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी है। हालांकि अंतिम निर्णय शासन और पुलिस मुख्यालय स्तर पर विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
पुलिस विभाग में संभावित फेरबदल को हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर दिए गए निर्देशों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कई जिलों में महिला अपराधों को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही आईजीआरएस में खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी असंतोष व्यक्त किया गया था। ऐसे में आगामी फेरबदल में अधिकारियों के प्रदर्शन को भी महत्वपूर्ण आधार माना जा सकता है।
खास तौर पर उन जिलों पर नजर है, जहां कानून-व्यवस्था, महिला अपराधों और जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। ऐसी स्थिति में कुछ जिलों के पुलिस कप्तानों की जिम्मेदारी बदली जा सकती है। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की कमान सौंपे जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
पीपीएस से आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों के लिए भी यह फेरबदल महत्वपूर्ण होगा। इनमें से कई अधिकारियों के पास लंबे समय का फील्ड अनुभव है। पदोन्नति के बाद उन्हें आईपीएस स्तर की जिम्मेदारियां मिलने की उम्मीद है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों की तैनाती तय करते समय उनके पिछले कार्यकाल, प्रशासनिक अनुभव और कानून-व्यवस्था से जुड़े काम को देखा जा रहा है।
अगस्त में सेवाकाल पूरा करने वाले अधिकारियों में आईजी सीआईडी अखिलेश कुमार निगम का नाम भी शामिल है। इसके अलावा डीआईजी शहाब रशीद खान, आलोक प्रियदर्शी और सुनीता सिंह भी इस महीने सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों में बताए गए हैं। एसपी स्तर पर अरविंद कुमार मिश्रा, हरि गोविंद और राम नारायण सिंह का सेवाकाल भी पूरा होने जा रहा है। इन अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली होने वाले पदों पर भी नई तैनाती की जरूरत होगी।
कुल मिलाकर अगस्त के अंत और सितंबर की शुरुआत उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए प्रशासनिक बदलाव का दौर साबित हो सकती है। कांवड़ यात्रा के समापन के बाद बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चा पहले से ही है। स्वतंत्रता दिवस के बाद तबादलों का फैसला होने की संभावना के बीच 28 नए आईपीएस अधिकारियों की तैनाती, वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति और जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां तय की जा सकती हैं। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी के तबादले या नई तैनाती को लेकर आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है।
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