गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। आदित्य वर्ल्ड सिटी स्थित सिटी अपार्टमेंट की 17वीं मंजिल से गिरकर तीन साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बच्चा अपने फ्लैट में खेल रहा था। इसी दौरान वह खिड़की पर लगे एयर कंडीशनर (एसी) को हटाए जाने के बाद खुले छोड़े गए वेंट से नीचे गिर गया। हादसे के बाद परिवार के लोग बच्चे को तत्काल मणिपाल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की ओर से रात करीब पौने नौ बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गई। इस दर्दनाक हादसे ने बहुमंजिला इमारतों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फ्लैट में खेल रहा था तीन साल का मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आदित्य वर्ल्ड सिटी स्थित सिटी अपार्टमेंट की 17वीं मंजिल पर एक परिवार रहता है। रविवार शाम परिवार का तीन वर्षीय बच्चा फ्लैट के भीतर खेल रहा था। इसी दौरान वह एक ऐसे स्थान पर पहुंच गया, जहां खिड़की पर लगे एसी को हटाने के बाद वेंट खुला छोड़ दिया गया था।
खुले वेंट से बच्चा नीचे गिर गया। ऊंचाई अधिक होने के कारण हादसा बेहद गंभीर हो गया। घटना के बाद परिवार के लोग बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।हालांकि, हादसे के समय फ्लैट में परिवार के कौन-कौन से सदस्य मौजूद थे और बच्चा किस तरह खुले वेंट तक पहुंचा, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
एसी हटाने के बाद खुला छोड़ा गया था वेंट
इस हादसे की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस स्थान से बच्चा नीचे गिरा, वहां पहले एयर कंडीशनर लगा हुआ था। एसी हटाने के बाद खिड़की का वेंट खुला छोड़ दिया गया था।जानकारी के अनुसार, बच्चा खेलते समय इसी खुले वेंट से नीचे गिर गया। 17वीं मंजिल से गिरने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
यह घटना बहुमंजिला आवासीय इमारतों में खिड़कियों और खुले स्थानों की सुरक्षा के महत्व को सामने लाती है। विशेष रूप से छोटे बच्चों वाले घरों में ऐसे स्थानों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है।हालांकि, एसी कब हटाया गया था और वेंट को खुला छोड़ने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं, इसका विवरण सामने नहीं आया है।इसके अलावा खिड़की पर किसी तरह की सुरक्षा जाली या अन्य व्यवस्था मौजूद थी या नहीं, इसकी भी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
परिजन तत्काल लेकर पहुंचे अस्पताल
बच्चे के नीचे गिरने के बाद स्वजन उसे उपचार के लिए मणिपाल अस्पताल लेकर पहुंचे। परिवार को उम्मीद थी कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से बच्चे की जान बचाई जा सकेगी।हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने बच्चे की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया।तीन वर्षीय मासूम की मौत परिवार के लिए गहरा आघात है। रविवार शाम हुई इस घटना ने परिवार को असहनीय दुख दिया है।बच्चे की मौत के बाद परिवार के सामने अचानक ऐसी परिस्थिति आ गई, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की होगी।हालांकि, अस्पताल पहुंचने का सटीक समय और चिकित्सकीय परीक्षण से संबंधित अन्य विवरण उपलब्ध नहीं हैं।
रात पौने नौ बजे पुलिस को मिली सूचना
घटना के संबंध में पुलिस को रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर जानकारी मिली। बताया गया है कि मणिपाल अस्पताल की ओर से पुलिस को हादसे की सूचना दी गई थी।अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। हालांकि, पुलिस की ओर से घटनास्थल पर की गई कार्रवाई और आगे की जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज की है या केवल दुर्घटना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया शुरू की है।फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस को अस्पताल की ओर से रात करीब पौने नौ बजे घटना की सूचना दिए जाने की पुष्टि होती है।
17वीं मंजिल से गिरने के कारण गई जान
सिटी अपार्टमेंट की 17वीं मंजिल से बच्चे का नीचे गिरना हादसे की गंभीरता को दर्शाता है। इतनी ऊंचाई से गिरने की स्थिति में जानलेवा चोट लगने का खतरा अत्यधिक होता है।तीन साल की उम्र में बच्चे अपने आसपास की चीजों को जानने और समझने के लिए लगातार सक्रिय रहते हैं। खेलते समय वे खिड़कियों, दरवाजों और अन्य खुले स्थानों के पास पहुंच सकते हैं।ऐसे में घरों के भीतर मौजूद असुरक्षित स्थान गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।इस मामले में बच्चा फ्लैट में खेल रहा था और एसी हटाने के बाद खुले छोड़े गए वेंट से नीचे गिर गया। घटना से स्पष्ट होता है कि ऊंची इमारतों में खिड़कियों और वेंटिलेशन वाले स्थानों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।
बहुमंजिला इमारतों में बच्चों की सुरक्षा जरूरी
गाजियाबाद और आसपास के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग बहुमंजिला अपार्टमेंट में रहते हैं। ऐसी इमारतों में छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।विशेषज्ञ सामान्य तौर पर ऊंची इमारतों में खिड़कियों पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, बालकनी में पर्याप्त ऊंचाई की रेलिंग और खुले वेंट को सुरक्षित रखने की सलाह देते हैं।यदि किसी खिड़की से एसी हटाया जाता है, तो वहां बने खाली स्थान को तुरंत सुरक्षित तरीके से बंद करना जरूरी है।छोटे बच्चों की पहुंच वाले स्थानों पर किसी भी तरह का खुला वेंट या असुरक्षित हिस्सा गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।इस घटना में भी एसी हटाए जाने के बाद खुला छोड़ा गया वेंट हादसे की वजह बना।
हादसे के कारणों से जुड़े सवाल
इस घटना के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एसी हटाने के बाद खिड़की के वेंट को सुरक्षित तरीके से बंद क्यों नहीं किया गया।इसके अलावा यह भी स्पष्ट नहीं है कि वेंट कितने समय से खुला था और वहां किसी प्रकार की अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी या नहीं।हालांकि, इन सवालों के जवाब उपलब्ध जानकारी में नहीं दिए गए हैं। इसलिए किसी व्यक्ति या संस्था को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।हादसे की परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर कमी थी।
मासूम की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आदित्य वर्ल्ड सिटी स्थित सिटी अपार्टमेंट में हुई इस घटना में तीन वर्षीय बच्चे की जान चली गई। बच्चा अपने घर में खेल रहा था, लेकिन कुछ ही क्षणों में यह सामान्य गतिविधि एक दर्दनाक हादसे में बदल गई।
परिवार के लोग बच्चे को बचाने के लिए मणिपाल अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।रविवार शाम हुई इस घटना की सूचना पुलिस को रात करीब पौने नौ बजे अस्पताल से मिली। फिलहाल, पुलिस की आगे की कार्रवाई और हादसे से संबंधित अन्य जानकारियां सामने आना बाकी हैं।