अलीगंज अग्निकांड के अवैध भवन पर कार्रवाई धीमी, भवन स्वामी ने मांगा 30 दिन का अतिरिक्त समय

Update: 2026-07-25 05:07 GMT

लखनऊ : अलीगंज अग्निकांड से जुड़े अवैध भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई अभी पूरी नहीं हो सकी है। विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओर से की जा रही कार्रवाई के बीच भवन का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा ही अब तक तोड़ा जा सका है। वहीं, भवन स्वामी के भाई और अधिवक्ता राजेंद्र शुक्ल ने एलडीए उपाध्यक्ष को पत्र भेजकर अवैध निर्माण को पूरी तरह गिराने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है।

एलडीए की ओर से जारी नोटिस की अवधि शनिवार को पूरी हो रही है। इसके बाद प्रवर्तन टीम मौके का निरीक्षण करेगी और आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा। माना जा रहा है कि यदि भवन स्वामी पक्ष की ओर से निर्धारित समय में शेष हिस्सा नहीं हटाया गया तो एलडीए खुद भी कार्रवाई करते हुए बाकी अवैध निर्माण को ध्वस्त कर सकता है।

अलीगंज क्षेत्र में हुए अग्निकांड के बाद अवैध रूप से बने इस भवन को लेकर सवाल उठे थे। जांच में भवन निर्माण से जुड़े कई अनियमितताओं की बात सामने आई थी। इसके बाद एलडीए ने कार्रवाई शुरू की और भवन को हटाने के लिए नोटिस जारी किया था।

एलडीए की प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध हिस्से को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, अभी तक भवन का केवल एक चौथाई हिस्सा ही हटाया जा सका है। कार्रवाई की धीमी गति को देखते हुए भवन स्वामी पक्ष ने अतिरिक्त समय की मांग की है।

भवन स्वामी के भाई अधिवक्ता राजेंद्र शुक्ल ने एलडीए उपाध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा है कि भवन को पूरी तरह हटाने के लिए कुछ और समय की आवश्यकता है। उन्होंने 30 दिन का समय देने का अनुरोध किया है, ताकि शेष अवैध निर्माण को नियमानुसार ढहाया जा सके।

अब एलडीए को इस आवेदन पर निर्णय लेना है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि अतिरिक्त समय देने का फैसला नहीं लिया जाता है तो एलडीए की प्रवर्तन टीम स्वयं मौके पर पहुंचकर शेष भवन को गिराने की कार्रवाई कर सकती है।

एलडीए अधिकारियों के अनुसार, अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं का भी ध्यान रखा जाता है। बड़े भवनों को गिराने के दौरान आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा, मलबा हटाने और यातायात व्यवस्था जैसी बातों को ध्यान में रखना पड़ता है।

अलीगंज अग्निकांड के बाद शहर में अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासन और प्राधिकरण की सक्रियता बढ़ी है। एलडीए ने ऐसे भवनों की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध निर्माणों पर समय रहते कार्रवाई होने से भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उनका कहना है कि भवन निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों और स्वीकृत नक्शे का पालन होना जरूरी है।

प्रवर्तन टीम शनिवार के बाद मौके का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि भवन स्वामी पक्ष ने अब तक कितनी कार्रवाई पूरी की है और आगे क्या कदम उठाए जाने हैं। इसके आधार पर एलडीए अंतिम निर्णय लेगा।

यदि एलडीए खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता है तो इसके लिए अलग से योजना तैयार की जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अलीगंज अग्निकांड के बाद सामने आए इस मामले ने शहर में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

फिलहाल सभी की नजर एलडीए के अगले कदम पर है। भवन स्वामी पक्ष की ओर से मांगे गए अतिरिक्त समय पर फैसला और प्रवर्तन टीम की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शेष भवन को गिराने की जिम्मेदारी भवन स्वामी को दी जाएगी या एलडीए खुद कार्रवाई करेगा।

Tags:    

Similar News