लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे पर औपचारिक बातचीत शुरू हो गई है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने बढ़ते संगठनात्मक आधार, जनता के विश्वास और पिछले लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए कुछ विधानसभा सीटों पर दावा पेश किया है। हालांकि, गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
कांग्रेस ने सीटों पर पेश की दावेदारी
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को लगातार मजबूत कर रही है। पार्टी बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने गठबंधन के सामने कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। पार्टी का मानना है कि जिन क्षेत्रों में उसका संगठन मजबूत हुआ है और जनता का समर्थन मिल रहा है, वहां उसे चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए।गौतम ने कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत जारी है। समझौता अंतिम रूप लेने के बाद इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
2024 के लोकसभा चुनाव का दिया उदाहरण
राजेंद्र पाल गौतम ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठबंधन ने 43 लोकसभा सीटें जीती थीं।इनमें समाजवादी पार्टी को 37 और कांग्रेस को छह सीटों पर जीत मिली थी। गौतम ने इस प्रदर्शन का श्रेय राहुल गांधी के प्रभाव और कांग्रेस के मजबूत होते संगठन को दिया।उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के परिणामों ने दिखाया है कि जनता विपक्षी गठबंधन पर भरोसा कर रही है। इसी आधार पर कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में सम्मानजनक भागीदारी चाहती है।
सीट बंटवारे में सम्मानजनक समझौते की उम्मीद
कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि गठबंधन के भीतर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सहयोगी दलों के बीच सम्मानजनक समझौता होगा।गौतम ने कहा कि पार्टी नेतृत्व विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। जब सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बन जाएगी, तब आधिकारिक घोषणा की जाएगी।इससे पहले भी कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे में बराबरी के सम्मान और उचित हिस्सेदारी की मांग उठाई थी।अक्टूबर की शुरुआत में राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी कर रही है। उन्होंने पार्टी के लिए लगभग 200 सीटों की दावेदारी का भी उल्लेख किया था। हालांकि, यह मांग थी, कोई अंतिम गठबंधन समझौता नहीं।
राहुल गांधी के प्रभाव का किया जिक्र
राजेंद्र पाल गौतम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और जनसंपर्क अभियानों से पार्टी को नई ऊर्जा मिली है।गौतम के अनुसार, कांग्रेस का संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत हो रहा है। पार्टी कार्यकर्ता लगातार जनता से संपर्क कर रहे हैं और स्थानीय मुद्दों को उठा रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। इसी राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पार्टी विधानसभा चुनाव में अपनी भागीदारी निर्धारित करना चाहती है।
चुनाव आयोग पर भी लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजेंद्र पाल गौतम ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में नाम हटाने और विवरण बदलने की प्रक्रियाओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इनसे किसी अनियमितता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
2027 के चुनाव पर टिकी राजनीतिक नजरें
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। वर्ष 2027 में होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों अपनी राजनीतिक रणनीति तैयार कर रही हैं।इंडिया गठबंधन के सामने प्रमुख चुनौती सीटों का ऐसा बंटवारा तय करना होगा, जिस पर सहयोगी दल सहमत हो सकें।फिलहाल कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह अपने संगठनात्मक विस्तार और पिछले चुनावी प्रदर्शन के आधार पर विधानसभा सीटों में हिस्सेदारी चाहती है।अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच कितनी सीटों पर सहमति बनती है और गठबंधन अपना अंतिम सीट बंटवारा कब घोषित करता है।
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