बेटी पढ़ाओ से आगे बढ़ा अलीगढ़, अब बेटियां संभाल रहीं थानों की कमान

Update: 2026-07-27 13:24 GMT

अलीगढ़   :   “बेटी पढ़ाओ, बेटी को थाने की कमान भी दो” की सोच को अलीगढ़ पुलिस ने जमीन पर उतारकर एक नई मिसाल पेश की है। महिला सशक्तीकरण और मिशन शक्ति अभियान के तहत जिले ने पुलिसिंग के क्षेत्र में एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। अलीगढ़ में एक साथ कई थानों की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को सौंपकर उन्हें नेतृत्व का अवसर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश में भी अलीगढ़ की यह पहल खास मानी जा रही है। नवंबर 2025 में जिले में उस समय नया इतिहास बना, जब पहली बार छह थानों की कमान महिला अधिकारियों को दी गई। वर्तमान में भी जिले के पांच थानों में महिला एसएचओ और थाना प्रभारी तैनात हैं, जो महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अलीगढ़ जिले में कुल 31 थाने और नौ पुलिस सर्किल हैं। इससे पहले शासन के निर्देश पर जिले के केवल एक थाने में महिला थाना प्रभारी की नियुक्ति थी। लेकिन महिलाओं को पुलिस व्यवस्था में आगे बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व की भूमिका देने के उद्देश्य से एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने मिशन शक्ति अभियान के तहत विशेष पहल शुरू की।

एसएसपी ने सबसे पहले जिले के प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित कराए। इन केंद्रों का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना है। इसके बाद उन्होंने हर सर्किल में एक महिला थाना प्रभारी नियुक्त करने का लक्ष्य रखा।

इसी पहल के तहत जिले के कई महत्वपूर्ण थानों की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को सौंपी गई। दादों, एएचटीयू, गोंडा, पिसावा, गोधा और महिला थाने में महिला अधिकारियों को नेतृत्व दिया गया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि महिला अधिकारियों की तैनाती से महिला पीड़ितों को अपनी समस्याएं खुलकर बताने में आसानी होगी। साथ ही थानों में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और बेहतर होगी।

वर्तमान में अलीगढ़ के कई थानों में महिला अधिकारी अपनी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। बरला थाने में इंस्पेक्टर सरिता सिंह, गंगीरी में एसओ ज्योति श्रीवास्तव, पिसावा में रेखा गोस्वामी, महिला थाने में निशा चौधरी और एएचटीयू थाने में नीलम यादव जिम्मेदारी निभा रही हैं।

पुलिस विभाग का मानना है कि थानों में महिला नेतृत्व बढ़ने से महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की सुनवाई और कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है। महिला फरियादियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने में सहजता महसूस होगी और पुलिस-जनता के बीच भरोसा भी मजबूत होगा।

मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। अलीगढ़ पुलिस की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी और बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे।

अलीगढ़ में महिला अधिकारियों को थानों की कमान सौंपना केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि समाज में बेटियों और महिलाओं की क्षमता को स्वीकार करने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी है। यह पहल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।

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