सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को स्थानीय युवाओं और क्षेत्रवासियों के सवालों का सामना करना पड़ा। खाता खेड़ी क्षेत्र के लोगों ने लंबे समय से जर्जर पड़ी सड़क का मुद्दा उठाते हुए सांसद से निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, इमरान मसूद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खाता खेड़ी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वहां मौजूद युवाओं और स्थानीय लोगों ने उन्हें रोक लिया। लोगों ने सांसद को सड़क की खराब स्थिति के बारे में बताया और कहा कि लंबे समय से समस्या उठाए जाने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना था कि सड़क पर बड़े गड्ढे हो गए हैं और कई जगह उसका अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और खराब हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और पैदल चलने वाले लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।
लोगों ने सांसद से कहा कि सड़क की बदहाली दिखाने वाले वीडियो कई बार सोशल मीडिया पर डाले जा चुके हैं। संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों ने सांसद से सड़क का मौके पर निरीक्षण करने और संबंधित विभाग से बातचीत करके जल्द समाधान कराने की मांग की।
वायरल वीडियो में एक युवक सांसद इमरान मसूद के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करता सुनाई देता है। युवक ने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने सांसद को एकतरफा वोट दिया है, इसलिए उन्हें लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे आना चाहिए। अन्य लोगों ने भी उसका समर्थन किया और सड़क निर्माण की स्पष्ट समय सीमा बताने की मांग रखी।
कुछ समय तक सांसद और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत हुई। इमरान मसूद ने उनकी शिकायत सुनने के बाद सड़क निर्माण का काम जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया। वीडियो में वह लोगों से कहते सुनाई देते हैं कि अभी काम होगा। सांसद के आश्वासन के बाद लोगों का गुस्सा कुछ हद तक शांत हुआ। इसके बाद वहां मौजूद कुछ युवाओं ने इमरान मसूद के समर्थन में नारे भी लगाए।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने स्थानीय निवासियों द्वारा अपने निर्वाचित प्रतिनिधि से सीधे सवाल करने को जवाबदेही से जोड़कर देखा। वहीं कई लोगों ने सड़क निर्माण में देरी पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित सड़क नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, किसी विकास प्राधिकरण या अन्य सरकारी संस्था के अधिकार क्षेत्र में आती है। सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हुआ है या प्रस्ताव अभी प्रक्रिया में है, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए निर्माण में देरी के लिए किसी एक संस्था या जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी तय करना फिलहाल संभव नहीं है।
इस घटनाक्रम से जुड़ी रिपोर्टों में बताया गया है कि लोगों ने सांसद के सामने अपनी चुनावी भागीदारी का उल्लेख करते हुए सड़क निर्माण की मांग रखी। सांसद ने काम कराने का भरोसा दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है। क्षेत्रवासियों ने मांग की कि पहले गड्ढों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था की जाए। इसके बाद सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि कुछ महीनों बाद फिर वही समस्या पैदा न हो।
सड़क जैसी बुनियादी सुविधा सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़ी होती है। खराब सड़क के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ एंबुलेंस, स्कूल वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को भी परेशानी होती है। अब खाता खेड़ी के लोगों की नजर सांसद के आश्वासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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