उरई/कानपुर। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की कथित तौर पर जमीन विवाद के चलते अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। आरोप है कि हमलावरों ने कार के अंदर जैक से उनके सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र की नहर में फेंक दिया। रविवार को नहर से अधिवक्ता का शव बरामद होने के बाद पुलिस महकमे और अधिवक्ता समुदाय में हलचल मच गई। पुलिस ने मामले में कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी बताया जा रहा मोनू यादव फरार है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार का कुछ लोगों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इसी विवाद को हत्या की संभावित वजह बताया जा रहा है। आरोप है कि जमीन विवाद को लेकर रंजिश इतनी बढ़ गई कि अधिवक्ता की हत्या की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक, कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव ने कथित तौर पर मोनू यादव को हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद आरोपियों ने अधिवक्ता का अपहरण कर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अधिवक्ता गयादीन अहिरवार को शनिवार को मुकदमे की फाइल देने के बहाने बुलाया गया था। कालपी के कागजीपुरा निवासी गयादीन उरई से लौटने के बाद दुर्गा मंदिर चौराहे पहुंचे थे। वहां एक सफेद कार में सवार लोग उन्हें अपने साथ ले गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने और मोबाइल फोन बंद मिलने पर उनके बेटे हर्ष मित्रा ने तलाश शुरू की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों ने अधिवक्ताओं के साथ कालपी कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में अपर पुलिस अधीक्षक, तीन क्षेत्राधिकारियों और आठ थानों की पुलिस टीमों को लगाया गया। तकनीकी सर्विलांस और अन्य सुरागों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को अधिवक्ता की हत्या किए जाने और शव नहर में फेंके जाने की जानकारी मिली।
रविवार सुबह कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र के गंभीरपुर के पास नहर से गयादीन अहिरवार का शव बरामद किया गया। शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने घटनास्थल पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चलती कार में वाहन का जैक इस्तेमाल कर अधिवक्ता के सिर और चेहरे पर वार किए थे। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त जैक भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, गयादीन अहिरवार और इंद्रजीत यादव के बीच कदौरा क्षेत्र की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच न्यायालय में मुकदमे भी विचाराधीन थे। आरोप है कि इंद्रजीत ने गयादीन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया था और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इसके बावजूद अधिवक्ता कानूनी लड़ाई जारी रखे हुए थे।
जांच में पुलिस ने दावा किया है कि इसी रंजिश के चलते इंद्रजीत यादव ने मोनू यादव और उसके साथियों को रुपये देकर हत्या की साजिश रची। हालांकि, आरोपियों की भूमिका और आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। पुलिस मुख्य आरोपी बताए जा रहे मोनू यादव की तलाश कर रही है।
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कार की बरामदगी के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। इसी दौरान कालपी थाना क्षेत्र के जंगल में मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले से छिपाए गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला के पैर में गोली लगी। दोनों घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गयादीन अहिरवार की हत्या से अधिवक्ता समुदाय में भारी नाराजगी है। वह कालपी बार एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी थे और लंबे समय से वकालत कर रहे थे। मई 2026 में हुए चुनाव में वह चौथी बार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। उनके साथी अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बार काउंसिल के उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय ने भी घटना पर दुख जताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि हत्याकांड में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ता समुदाय आंदोलन करने को बाध्य हो सकता है। इस घटना ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा और पुराने जमीन विवादों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं। अब जांच टीम मुख्य फरार आरोपी की गिरफ्तारी, कथित सुपारी की रकम, वारदात में शामिल अन्य लोगों और हत्या की साजिश से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इस हत्याकांड ने जालौन से कानपुर तक सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मृतक के परिजन और साथी अधिवक्ता सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तथा न्याय की मांग कर रहे हैं।