Cyber ठगों पर बुलंदशहर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

Update: 2026-07-11 10:47 GMT

Bulandshahr बुलंदशहर :  साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन Cy-Vajra के तहत बुलंदशहर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना स्याना पुलिस ने साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक म्यूल बैंक अकाउंट से जुड़े आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खाते का इस्तेमाल देशभर में की गई ऑनलाइन ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार के पर्यवेक्षण में साइबर अपराधों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना स्याना पुलिस ने एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) और समन्वय पोर्टल पर उपलब्ध साइबर अपराध संबंधी सूचनाओं का विश्लेषण किया।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि एक बैंक खाते के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर धोखाधड़ी की सात शिकायतें दर्ज हैं। इसके बाद पुलिस ने संबंधित बैंक से अकाउंट ओपनिंग फॉर्म (एओएफ), बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज प्राप्त कर उनकी गहन जांच की।

विवेचना में खुलासा हुआ कि आरोपी का बैंक खाता साइबर अपराधियों द्वारा म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। साइबर ठग इस खाते में लोगों से धोखाधड़ी कर हासिल की गई रकम जमा करवाते थे और बाद में उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इस तरह आरोपी का खाता साइबर अपराध नेटवर्क में पैसों के लेनदेन का माध्यम बना हुआ था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाते थे। इनमें कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा, फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करवाना, ऑनलाइन निवेश योजनाओं में भारी मुनाफे का लालच देना और अन्य डिजिटल तरीकों से लोगों से ठगी करना शामिल था। ठगी के बाद प्राप्त रकम को इसी म्यूल अकाउंट के जरिए आगे भेजा जाता था।

इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।

पुलिस अब इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही उन बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की भी जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने में किया गया।

बुलंदशहर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी एप्लीकेशन या ऑनलाइन निवेश के आकर्षक ऑफर के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

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