प्रयागराज। यमुनापार के औद्योगिक थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में चाय विक्रेता की मौत हो गई। रामपुर इलाके में तेज रफ्तार बस ने चाय की दुकान खोलने जा रहे राम नारायण गुप्ता को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस उन्हें करीब 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। हादसे में राम नारायण की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक बस को घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गया।

मृतक की पहचान मेजा थाना क्षेत्र के सिरिहिर गांव निवासी राम नारायण गुप्ता के रूप में हुई है। उनके पिता का नाम स्वर्गीय गोवर्धन उर्फ सत्य नारायण बताया गया है। राम नारायण वर्तमान में रामपुर, करछना में रहकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। वह रामपुर स्थित जनहित हॉस्पिटल के बगल में चाय की छोटी दुकान चलाते थे।

जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब पांच बजे राम नारायण रोज की तरह अपनी चाय की दुकान खोलने के लिए घर से निकले थे। सुबह का समय होने के कारण सड़क पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम थी। इसी दौरान सड़क से गुजर रही एक बस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

बस की टक्कर इतनी जोरदार थी कि राम नारायण सड़क पर गिरने के बाद वाहन के साथ काफी दूर तक घिसटते चले गए। बताया जा रहा है कि बस उन्हें करीब 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद बस रुकी।

हादसे की गंभीरता देखकर बस चालक मौके से फरार हो गया। वह बस को वहीं छोड़कर भाग निकला। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही औद्योगिक थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पुलिस ने राम नारायण के शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल पर खड़ी बस को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। फरार चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। बस के नंबर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

राम नारायण की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। रोज सुबह घर से दुकान के लिए निकलने वाले राम नारायण की अचानक सड़क हादसे में मौत की सूचना ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया। परिवार के सदस्यों और परिचितों का घटनास्थल पर पहुंचना शुरू हो गया।

राम नारायण लंबे समय से चाय की दुकान चलाकर अपने परिवार का खर्च उठा रहे थे। जनहित हॉस्पिटल के बगल में उनकी दुकान होने के कारण आसपास के लोग भी उन्हें जानते थे। सुबह-सुबह दुकान खोलना उनकी रोज की दिनचर्या का हिस्सा था। गुरुवार को भी वह रोज की तरह दुकान के लिए निकले, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने उनकी जान ले ली।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्घटना बेहद भयावह थी। बस की चपेट में आने के बाद व्यक्ति को इतनी दूर तक घसीटे जाने से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता जताई है।

हादसे के बाद कुछ समय के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने स्थिति संभाली और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को घटनास्थल से हटाया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

फरार बस चालक की तलाश पुलिस के लिए अहम है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय बस की गति कितनी थी और चालक ने वाहन पर नियंत्रण क्यों खोया। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि दुर्घटना के बाद चालक ने घायल की मदद करने के बजाय बस छोड़कर भागने का फैसला क्यों किया।

पुलिस बस के मालिक और संचालन से संबंधित जानकारी भी जुटा सकती है। वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाकर चालक तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। घटना के समय बस में यात्री मौजूद थे या नहीं और वाहन कहां से कहां जा रहा था, इसकी जानकारी भी जांच में सामने आ सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह के समय सड़कों पर बड़े वाहन कई बार तेज गति से गुजरते हैं। ऐसे में पैदल चलने वालों, साइकिल सवारों और छोटे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों की गति नियंत्रित करने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग भी उठ रही है।

हादसे ने राम नारायण के परिवार के सामने अचानक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। चाय की दुकान ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन थी। रोज मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले राम नारायण की मौत से परिजन सदमे में हैं।

पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के साथ बस को कब्जे में लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तलाश की जा रही है।

गुरुवार की सुबह रामपुर क्षेत्र में हुआ यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों से होने वाले सड़क हादसों की गंभीरता को सामने लाता है। दुकान खोलने के लिए घर से निकले राम नारायण गुप्ता को अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में उनकी जिंदगी खत्म हो जाएगी। फिलहाल पुलिस फरार बस चालक की तलाश के साथ दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।

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