वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र में स्थापित अरविंद मिल्स की नई औद्योगिक इकाई के उद्घाटन की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को इस नई इकाई का लोकार्पण करने वाले हैं। लगभग 100 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इस इकाई से एक हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हेलीकॉप्टर से मिर्जामुराद पहुंचे मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को वाराणसी दौरे के दौरान मिर्जामुराद क्षेत्र पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर खोचवां गांव स्थित जनता इंटर कॉलेज के मैदान में बनाए गए हेलीपैड पर उतरा। यहां से मुख्यमंत्री सड़क मार्ग के जरिए करीब एक किलोमीटर की दूरी तय कर अरविंद मिल्स की नई इकाई पहुंचे।मुख्यमंत्री ने औद्योगिक परिसर का निरीक्षण किया और प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य उद्घाटन से पहले आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लेना था।इस दौरान संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल पर पहुंचकर उद्घाटन समारोह से जुड़ी तैयारियों का अवलोकन किया।
25 अक्टूबर को PM मोदी करेंगे लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 अक्टूबर को वाराणसी में अरविंद मिल्स की नई औद्योगिक इकाई का उद्घाटन करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसे लेकर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।इससे पहले वाराणसी के मंडलायुक्त और जिलाधिकारी भी परियोजना स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं।प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए कार्यक्रम स्थल और आसपास की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निरीक्षण भी इन्हीं तैयारियों का हिस्सा था।
100 करोड़ के निवेश से तैयार हुई नई यूनिट
गुजरात के अहमदाबाद स्थित प्रमुख कपड़ा निर्माता कंपनी अरविंद लिमिटेड ने वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र में अपनी नई विनिर्माण इकाई स्थापित की है।यह इकाई राजातालाब तहसील के खोचवां-भेड़हरा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सात एकड़ से अधिक भूमि पर विकसित की गई हैपरियोजना में लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इस इकाई में स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट सहित विभिन्न प्रकार के तैयार कपड़ों का उत्पादन किया जाएगा।कंपनी का उद्देश्य इस इकाई के माध्यम से वस्त्र निर्माण गतिविधियों का विस्तार करना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
1000 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
अरविंद मिल्स की नई इकाई शुरू होने से एक हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह संख्या परियोजना के पहले चरण से संबंधित है।जानकारी के अनुसार, कंपनी में काम करने के लिए करीब 300 महिलाओं को वर्तमान में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।नई इकाई के संचालन से क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। परियोजना से वाराणसी और आसपास के इलाकों में वस्त्र उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।हालांकि, रोजगार के घोषित अवसरों की वास्तविक संख्या इकाई के पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद स्पष्ट होगी।
दूसरे चरण में भी निवेश की योजना
अरविंद मिल्स की इस औद्योगिक इकाई के भविष्य में विस्तार की भी योजना है। कंपनी की ओर से दूसरे चरण में अतिरिक्त निवेश प्रस्तावित बताया गया है।रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे चरण में भी लगभग एक हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर विकसित करने की योजना है।इस प्रकार परियोजना के विस्तार से आने वाले समय में क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं। हालांकि, दूसरे चरण का निवेश और रोजगार सृजन प्रस्तावित योजनाओं पर निर्भर करेगा।
पूर्वांचल में वस्त्र उद्योग को मिलेगी नई पहचान
वाराणसी और पूर्वांचल क्षेत्र लंबे समय से वस्त्र निर्माण तथा पारंपरिक कपड़ा उद्योग के लिए जाना जाता है। अरविंद मिल्स जैसी बड़ी कंपनी की विनिर्माण इकाई स्थापित होने से आधुनिक वस्त्र उत्पादन के क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।नई इकाई में स्पोर्ट्स वियर और अन्य तैयार परिधानों के निर्माण पर जोर दिया जाएगा।औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय आपूर्ति, परिवहन और अन्य सहायक सेवाओं में भी कारोबार के अवसर बढ़ सकते हैं।
औद्योगिक विकास पर सरकार का जोर
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। अरविंद मिल्स की वाराणसी इकाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में सामने आई है।इस परियोजना का भूमिपूजन 25 अप्रैल 2024 को किया गया था। अब निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बाद इसके उद्घाटन की तैयारियां चल रही हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की स्थिति देखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 अक्टूबर को प्रस्तावित लोकार्पण के साथ यह इकाई औपचारिक रूप से शुरू होने की दिशा में आगे बढ़ेगी।