लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने भारतीय लोकतंत्र, राजनीति और राष्ट्र सेवा में अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए उन्हें महान राजनेता और राष्ट्र के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में स्मरण किया। पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी लखनऊ में पंडित अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वावधान में ‘अटल स्मृति संध्या’ का आयोजन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया। भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने और देश को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका व्यक्तित्व राजनीति से कहीं आगे था और वे अपने विचारों, सिद्धांतों तथा कार्यों के माध्यम से करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बने।
अटल बिहारी वाजपेयी का उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से लखनऊ से बेहद गहरा रिश्ता रहा है। उन्होंने लंबे समय तक लोकसभा में लखनऊ का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने न केवल राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि लखनऊ की जनता से भी उनका विशेष जुड़ाव रहा। यही कारण है कि उनकी पुण्यतिथि पर लखनऊ में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का विशेष महत्व रहता है।
पंडित अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘अटल स्मृति संध्या’ में उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक यात्रा, उनके लोकतांत्रिक मूल्यों और देश के विकास को लेकर उनकी सोच पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल रहे, जिन्हें सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी दलों के नेताओं से भी सम्मान मिला। संसद में उनकी भाषण शैली और अपनी बात को प्रभावशाली तरीके से रखने की क्षमता ने उन्हें देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल किया। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत संबंधों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को बनाए रखने की उनकी शैली आज भी याद की जाती है।
अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। उनके नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मई 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है। इसके अलावा सड़क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल हुई।
पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को लेकर भी अटल बिहारी वाजपेयी की नीति संवाद और शांति पर केंद्रित रही। उन्होंने भारत की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए बातचीत के रास्ते खुले रखने पर जोर दिया। उनके नेतृत्व में लिए गए कई फैसलों ने भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजनीति के अलावा अटल बिहारी वाजपेयी का साहित्य और पत्रकारिता से भी गहरा जुड़ाव रहा। वे एक संवेदनशील कवि और प्रभावशाली वक्ता के रूप में भी पहचाने जाते थे। उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना, संघर्ष और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देखने को मिलता है। उनके भाषणों और कविताओं की लोकप्रियता आज भी बनी हुई है।
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। छात्र जीवन से ही उनकी रुचि राष्ट्रीय और सामाजिक गतिविधियों में रही। आगे चलकर वे भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए और बाद में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दशकों लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने सांसद, विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
देश और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2015 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया। 16 अगस्त 2018 को उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद से हर साल 16 अगस्त को देशभर में उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
लखनऊ में होने वाली ‘अटल स्मृति संध्या’ के माध्यम से भी पूर्व प्रधानमंत्री की विरासत और उनके विचारों को याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र सेवा, सुशासन, लोकतंत्र और विकास से जुड़े विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश सहित देशभर में उन्हें याद किया जा रहा है और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया जा रहा है।