गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे सीएम योगी

Update: 2026-07-29 04:36 GMT

गोरखपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर पहुंचे। परंपरा के अनुसार उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में पहुंचकर महायोगी गुरु गोरखनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पहुंचकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनका आशीर्वाद लिया।

गुरु पूर्णिमा के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका विशेष होती है। वह इस अवसर पर एक शिष्य के रूप में अपने गुरुजनों की पूजा करते हैं और इसके बाद गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर के रूप में अपने शिष्यों, श्रद्धालुओं और अनुयायियों को आशीर्वाद देते हैं।

गुरु परंपरा का निर्वहन

गोरक्षपीठ की परंपरा में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। नाथ संप्रदाय में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। इसी परंपरा के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ की पूजा की।

मंदिर परिसर में सुबह से ही विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुरु गोरखनाथ का पूजन संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं का भी दर्शन किया और प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की।

पूजन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर पहुंचे। उन्होंने समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

शिष्य और गुरु दोनों की भूमिका में सीएम योगी

गुरु पूर्णिमा के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दोहरी भूमिका देखने को मिलती है। एक ओर वह अपने गुरु और नाथ परंपरा के आदिगुरु के प्रति श्रद्धा प्रकट करने वाले शिष्य होते हैं, वहीं दूसरी ओर गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर के रूप में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हैं।

गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मंदिर परिसर में मौजूद रहते हैं। मुख्यमंत्री भी परंपरा के अनुसार लोगों से मुलाकात करते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।

महंत अवेद्यनाथ की शिक्षाओं को किया याद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को अपना मार्गदर्शक मानते हैं। उन्होंने कई अवसरों पर कहा है कि महंत अवेद्यनाथ ने उन्हें समाज सेवा, राष्ट्र सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों का मार्ग दिखाया।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर समाधि पूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने गुरु की शिक्षाओं और आदर्शों को याद किया। उन्होंने गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु का मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देता है।

मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

गुरु पूर्णिमा को लेकर गोरखनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। दूर-दराज से आए भक्तों ने मंदिर में दर्शन किए और गुरु गोरखनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत रखा गया था, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश

गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान का पर्व भी माना जाता है। इस दिन गुरु के प्रति श्रद्धा और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जाता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपनी परंपरा का पालन करते हुए गुरुजनों का पूजन किया। उन्होंने इस पर्व के माध्यम से गुरु के महत्व और भारतीय संस्कृति में गुरु परंपरा की भूमिका को भी रेखांकित किया।

गोरक्षपीठ की परंपरा का महत्वपूर्ण दिन

गोरखनाथ मंदिर और गोरक्षपीठ में गुरु पूर्णिमा का आयोजन हर वर्ष विशेष रूप से किया जाता है। नाथ संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार इस दिन गुरु का पूजन और उनका स्मरण आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गुरु गोरखनाथ और अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ को नमन किया। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया और गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, गुरु-शिष्य परंपरा और गोरक्षपीठ की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बना रहा।

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