लखनऊ : देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस यात्रा की अगुआई की। तिरंगा यात्रा मुख्यमंत्री के सरकारी आवास से शुरू होकर विधानभवन तक पहुंची। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, भाजपा कार्यकर्ता और पार्टी के पदाधिकारी भी तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर सख्त संदेश देते हुए कहा कि अब यह नहीं चलेगा कि कोई व्यक्ति देश में रहे और राष्ट्रीय प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत का अपमान करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए विभिन्न फैसलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्र प्रथम की भावना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा और क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है। जरूरत इस बात की है कि उनकी ऊर्जा को सही दिशा और उचित मंच मिले।
योगी आदित्यनाथ ने ध्वज संहिता में किए गए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के अधिकार को लेकर अदालत तक जाना पड़ा था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नियमों में बदलाव किए गए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब देश के करोड़ों नागरिक अपने घरों पर सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा केवल एक राष्ट्रीय ध्वज नहीं है, बल्कि यह देश की सादगी, विकास और समृद्ध विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जिन कार्यों को तत्काल पूरा किया जाना चाहिए था, उन्हें पूरा होने में दशकों का समय लगा। योगी ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि रही, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र प्रथम की भावना को प्राथमिकता दी गई।
तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से पहले हर घर तिरंगा अभियान के तहत अधिक से अधिक परिवार अपने घरों पर तिरंगा लगाएं। साथ ही उन्होंने लोगों से राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
तिरंगा यात्रा का समापन विधानभवन के सामने हुआ। यहां गुब्बारे छोड़कर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के साथ हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर सेल्फी भी ली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी रही, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, ब्रजलाल, संजय सेठ समेत कई भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान और मुकेश शर्मा समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वतंत्रता दिवस को केवल एक उत्सव के रूप में मनाने के बजाय देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के सम्मान और राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। तिरंगा यात्रा के जरिए भाजपा ने स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने की कोशिश की।
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