मीरजापुर। देशभर की घड़ियों का समय तय करने वाले भारतीय मानक समय यानी इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) प्वाइंट की हालत इन दिनों खराब हो गई है। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले के विंध्याचल स्थित यह ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व वाला स्थल अब उपेक्षा का शिकार नजर आ रहा है। यहां बना सेल्फी प्वाइंट, घड़ी और सजावटी लाइटें रखरखाव के अभाव में बदहाल हो चुकी हैं, जिससे यहां आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु निराश हो रहे हैं।
विंध्याचल के अटल चौक के पास स्थित IST प्वाइंट देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह स्थल 82 डिग्री 30 मिनट पूर्वी देशांतर रेखा पर स्थित है, जिसे भारत के मानक समय का आधार माना जाता है। इसी देशांतर रेखा के आधार पर पूरे देश में समय निर्धारित किया जाता है। भारत सरकार ने 1 सितंबर 1947 को इसी देशांतर को भारतीय मानक समय के लिए आधार बनाया था।
वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले इस स्थल को कुछ वर्ष पहले आकर्षक रूप दिया गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के कार्यकाल में करीब तीन वर्ष पहले यहां सुंदरीकरण कराया गया था। इसके तहत आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, प्रकाश व्यवस्था और बड़ी घड़ी लगाई गई थी। इसके बाद यह स्थान मां विंध्यवासिनी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया था।
लेकिन नियमित देखभाल और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में अब इस स्थल की स्थिति खराब हो गई है। करीब एक साल पहले यहां लगी घड़ी चोरी हो गई थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से लगभग एक महीने पहले नई घड़ी लगवाई गई, लेकिन वह भी चोरी हो गई। इसके अलावा सेल्फी प्वाइंट पर लगी सजावटी लाइटें भी गायब हो चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि देश के समय का आधार बताने वाले इस महत्वपूर्ण स्थल की ऐसी स्थिति चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इसकी सुरक्षा और देखरेख पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह स्थल पूरी तरह अपनी पहचान खो सकता है।
हालांकि, क्षतिग्रस्त किए गए सेल्फी प्वाइंट की मरम्मत करा दी गई है, लेकिन घड़ी और प्रकाश व्यवस्था की कमी अब भी साफ दिखाई देती है। शाम के समय यहां आने वाले पर्यटकों को पहले जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि IST प्वाइंट को धार्मिक पर्यटन के साथ वैज्ञानिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। विंध्याचल पहले से ही धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां देशभर से श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अगर IST प्वाइंट को बेहतर तरीके से विकसित किया जाए तो यह राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि यहां आधुनिक डिजिटल घड़ी, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा कैमरे, सूचना पट्ट और वैज्ञानिक जानकारी देने वाला केंद्र बनाया जाना चाहिए। इससे पर्यटकों को भारतीय मानक समय के महत्व को समझने का अवसर मिलेगा और यह स्थान एक शैक्षणिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकेगा।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि इस ऐतिहासिक स्थल को नुकसान न पहुंचाएं और इसकी सुरक्षा में सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल स्थिति यह है कि जिस स्थान से पूरे देश की घड़ियों का समय निर्धारित होता है, वही स्थल अपनी खराब व्यवस्था और चोरी की घटनाओं के कारण चर्चा में है। अब जरूरत है कि इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक धरोहर को फिर से आकर्षक और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसके महत्व को समझ सकें।