Ayodhya मामले में कांग्रेस का बड़ा आरोप, ट्रस्ट पर कार्रवाई की मांग

Update: 2026-07-11 14:24 GMT

Varanasi वाराणसी :  अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और कथित चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने शनिवार को वाराणसी में प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। उन्होंने ट्रस्ट को तत्काल भंग करने, चढ़ावे और चंदे का फॉरेंसिक ऑडिट कराने तथा मामले की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग रखी।

गोलघर स्थित पराड़कर भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता जरूरी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान राम के नाम पर देशभर से जुटाई गई धनराशि और चढ़ावे का सही इस्तेमाल हुआ या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश के करोड़ों लोगों ने अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने अपनी मेहनत की कमाई, बचत और आभूषण तक मंदिर निर्माण के लिए समर्पित किए थे। ऐसे में चंदे और चढ़ावे से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

डॉ. नायक ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में लगातार सवाल उठ रहे हैं और अब जरूरी है कि सच्चाई सामने लाई जाए। उन्होंने मांग की कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज, आर्थिक लेन-देन और चढ़ावे से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक ऑडिट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मंदिर निर्माण और अन्य कार्यों के लिए प्राप्त धन का उपयोग किस प्रकार किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय की निगरानी में होने वाली जांच से लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और इस आस्था से जुड़े किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

हालांकि, इस मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या अन्य संबंधित पक्षों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस की मांग के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

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