प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज साइबर थाने की पुलिस टीम ने आधार कार्ड से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए अवैध तरीके से आधार बनाने और अपडेट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की सुरक्षा प्रणाली को बायपास कर नियमों के खिलाफ आधार कार्ड बनाने और उनमें बदलाव करने का काम कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल अवैध आधार सेवाओं के संचालन में किया जा रहा था। बरामद सामान में तीन लैपटॉप, तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक आईफोन, चार फिंगर स्कैनर, 19 बायोमेट्रिक उपकरण, स्टोरेज डिवाइस और अन्य डिजिटल उपकरण शामिल हैं।
इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम सागर जैन ने दी। उन्होंने बताया कि साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग UIDAI की सुरक्षा व्यवस्था को दरकिनार कर अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने का काम कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों तक पहुंच बनाई।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सॉफ्टवेयर की मदद से आधार से जुड़ी प्रक्रियाओं में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे थे। वे बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए लोगों के आधार कार्ड तैयार करने और उनमें संशोधन करने का काम करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों के आधार कार्ड में अवैध बदलाव किए हैं और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र के जगापुर गांव निवासी लवकुश यादव और फतेहपुर जनपद के मूल निवासी पवन शरण के रूप में हुई है। पवन शरण वर्तमान में कानपुर नगर में रह रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपितों को साइबर क्राइम थाना में दर्ज मुकदमा संख्या 50/2026 के तहत गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल डाटा की जांच भी की जा रही है, ताकि फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।
साइबर पुलिस का कहना है कि आधार कार्ड आज हर नागरिक की पहचान का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ या अवैध बदलाव गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए केवल अधिकृत केंद्रों का ही इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से आधार कार्ड से जुड़े अवैध कारोबार पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और आम लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।