देवबंद : सहारनपुर मंडल स्तरीय विद्यालय कराटे चैंपियनशिप में बसंत कराटे अकादमी, देवबंद के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता में अकादमी के खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों और आयु वर्गों में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप अकादमी के 10 खिलाड़ियों का चयन आगामी उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय विद्यालय कराटे चैंपियनशिप के लिए हुआ। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से न केवल बसंत कराटे अकादमी, बल्कि पूरे देवबंद और सहारनपुर जनपद का नाम भी गौरवान्वित हुआ है।
प्रतियोगिता का शुभारंभ राज्य मंत्री जसवंत सैनी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का संदेश दिया और कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास से खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं। सरकार भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतियोगिता के दौरान बसंत कराटे अकादमी के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन तकनीकी कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कई वर्गों में जीत दर्ज की और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की। चयनित खिलाड़ियों की सफलता से अकादमी में खुशी का माहौल है और प्रशिक्षकों ने इसे वर्षों की मेहनत और नियमित प्रशिक्षण का परिणाम बताया है।
इस अवसर पर राज्य मंत्री जसवंत सैनी तथा श्रीमती सोनिया ने शिहान बसंत उपाध्याय और उनकी पूरी ऑफिशियल टीम को कराटे खेल के विकास तथा प्रतियोगिता के सफल संचालन में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। यह सम्मान उनके लंबे समय से कराटे खेल के प्रचार-प्रसार, खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने और प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका के लिए प्रदान किया गया।
प्रतियोगिता में मुख्य रेफरी की जिम्मेदारी भी शिहान बसंत उपाध्याय ने सफलतापूर्वक निभाई। उन्होंने पूरे आयोजन के दौरान निष्पक्षता और खेल नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया। वहीं प्रतियोगिता के संचालन में ऑफिशियल के रूप में सेंसेई नीरज सैनी, सेनपाई नीशू प्रजापति, निधि और तनु ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी अधिकारियों ने निष्पक्ष निर्णय देते हुए प्रतियोगिता को सफल बनाने में अपना योगदान दिया, जिसकी खिलाड़ियों और आयोजकों ने सराहना की।
बसंत कराटे अकादमी परिवार ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित सभी खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। अकादमी के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि खिलाड़ी आगामी उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय विद्यालय कराटे चैंपियनशिप में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और देवबंद, सहारनपुर तथा अपनी अकादमी का नाम पूरे प्रदेश में रोशन करेंगे।
इस अवसर पर शिहान बसंत उपाध्याय ने कहा कि खिलाड़ियों की यह सफलता उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन, मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए नियमित प्रशिक्षण और आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत होते हैं। अकादमी का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं जीतना नहीं, बल्कि ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना है जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें।
उन्होंने बताया कि बसंत कराटे अकादमी पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को कराटे का प्रशिक्षण दे रही है। यहां खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीकों के साथ आत्मरक्षा, अनुशासन और मानसिक मजबूती का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। अकादमी से प्रशिक्षित कई खिलाड़ी पहले भी जिला, मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं।
प्रतियोगिता में मिली इस सफलता ने अकादमी के अन्य खिलाड़ियों का भी उत्साह बढ़ाया है। प्रशिक्षकों का कहना है कि अब चयनित खिलाड़ियों की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए विशेष तैयारी कराई जाएगी, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके लिए नियमित अभ्यास, तकनीकी प्रशिक्षण और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
देवबंद क्षेत्र के खेल प्रेमियों ने भी बसंत कराटे अकादमी के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। उनका मानना है कि ऐसे प्रदर्शन से क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और अधिक से अधिक युवा कराटे जैसे खेलों की ओर आकर्षित होंगे। खिलाड़ियों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी और क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का नया अवसर प्रदान करेगी।